
PM Modi Paper Leak Action: देशभर में पेपर लीक मामलों को लेकर बढ़ते छात्र आंदोलन और राजनीतिक दबाव के बीच मोदी सरकार अब डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा है कि पेपर लीक जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार के संकेतों के मुताबिक अब केवल पेपर लीक करने वाले गिरोह ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार संस्थाओं पर भी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए कानूनी और प्रशासनिक कदमों की तैयारी भी चल रही है।
सरकार का डैमेज कंट्रोल प्लान
- पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा।
- एंटी-चीटिंग कानून को और सख्त बनाने के लिए नए विधायी कदम।
- परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के लिए प्रशासनिक बदलाव।
- दोषियों के खिलाफ त्वरित जांच और सख्त सजा का आश्वासन।
क्या शिक्षा मंत्री पर भी फैसला होगा?
छात्र संगठनों और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि अब तक सरकार ने उनके इस्तीफे का कोई संकेत नहीं दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार फिलहाल संस्थागत सुधारों और कानूनी कार्रवाई पर अधिक जोर दे रही है।
विपक्ष का हमला जारी
विपक्ष का आरोप है कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह भरोसेमंद बनाया जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर संसद और सड़क दोनों जगह सियासी टकराव जारी है।
Writen by Akshat Srivastava



