
Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन हुए हंगामे के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि संसद जनहित के मुद्दों पर चर्चा का मंच है, लेकिन लगातार हंगामा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
‘हंगामे से नहीं, चर्चा से निकलेगा समाधान’
कंगना रनौत ने कहा कि संसद का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस और सरकार से जवाबदेही तय करना है। उनके अनुसार, विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना सही तरीका नहीं है।
उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि सदन चले और सभी मुद्दों पर चर्चा हो, लेकिन लगातार हंगामा और उत्पात करना उचित नहीं है।”
‘सरकार चुनने का अधिकार जनता का है’
भाजपा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता जिस सरकार को चुनती है, उसे अपनी टीम और मंत्रिमंडल तय करने का अधिकार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष दबाव की राजनीति कर सरकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
कंगना रनौत ने कहा कि “आप दबाव डालकर यह तय नहीं कर सकते कि सरकार किसे मंत्री रखे और किसे नहीं। यह अधिकार जनता द्वारा चुनी गई सरकार का है।”
पहले दिन हंगामेदार रहा मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दिनभर में कई बार स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा मामला, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। एक ओर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरता रहा, वहीं भाजपा नेताओं ने विपक्ष के विरोध के तरीके पर सवाल उठाए। इसी कड़ी में कंगना रनौत का बयान भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।


