Parliament Monsoon Session: हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन, लोकसभा-राज्यसभा कल सुबह 11 बजे तक स्थगित

विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले दिन छह बार बाधित हुई। राम मंदिर चढ़ावा मामला, पेपर लीक, CJP प्रदर्शन और अन्य मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे।

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र 2026 का पहला दिन विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक और लगातार हंगामे के नाम रहा। सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर सुचारु रूप से नहीं चल सकी। विपक्षी दलों के विरोध और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुल छह बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पहले दिन नहीं हो सकी सार्थक चर्चा

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन के वेल में पहुंच गए। लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों में किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा नहीं हो सकी। दिनभर सदन कई बार स्थगित हुआ और आखिरकार पूरे दिन की कार्यवाही बिना किसी बड़ी बहस के समाप्त हो गई।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा विपक्ष

मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। इनमें प्रमुख रूप से—

  • राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
  • पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था
  • CJP प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज
  • छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे
  • इथेनॉल मिश्रण नीति
  • अन्य जनहित के मुद्दे

इंडिया ब्लॉक ने कहा कि इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा और संसद में इन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा।

खरगे का पीएम मोदी पर निशाना

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष पर टिप्पणी करने के बजाय देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले और पेपर लीक का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। खरगे ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं और लाखों छात्रों से जुड़े मामलों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने सरकार पर लगाए आरोप

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।

हेमा मालिनी की विपक्ष को नसीहत

भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान विरोध या हंगामे से नहीं, बल्कि संसद के भीतर संवाद और चर्चा से निकल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।

DMK ने भी उठाया मेकेदातु परियोजना का मुद्दा

डीएमके सांसद तिरुची शिवा ने मेकेदातु बांध परियोजना पर चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना से तमिलनाडु के किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बिना टिप्पणी किए निकले

दिनभर के हंगामे के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी संसद भवन से बाहर निकलते समय मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना रवाना हो गए।

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आगे भी गरम रह सकता है मानसून सत्र

पहले ही दिन जिस तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। विपक्ष जहां कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।

पहले दिन की 5 बड़ी बातें

  • लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही छह बार स्थगित हुई।
  • विपक्ष ने राम मंदिर, पेपर लीक और CJP प्रदर्शन समेत कई मुद्दे उठाए।
  • मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला।
  • हेमा मालिनी ने कहा कि समाधान केवल संवाद से निकलेगा।
  • दोनों सदनों की कार्यवाही अब मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
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