Monsoon Session 2026: 19 जुलाई को होगी सर्वदलीय बैठक, संसद में सरकार-विपक्ष के बीच तीखी टक्कर के आसार

19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक में सरकार-विपक्ष आमने-सामने, महिला आरक्षण, परिसीमन, NEET-UG और कई अहम मुद्दों पर गरमाने के आसार।

Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद के हर सत्र से पहले होने वाली इस बैठक का उद्देश्य सरकार और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित करना, सत्र का एजेंडा साझा करना और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्राथमिकताओं को समझना होता है। इस बार की बैठक को खास माना जा रहा है क्योंकि 20 जुलाई से शुरू होने वाला मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों के कारण बेहद हंगामेदार रहने की संभावना है।

सरकार इस बैठक में अपने विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा पेश करेगी और उन प्रमुख विधेयकों की जानकारी देगी, जिन्हें वह सत्र के दौरान पारित कराना चाहती है। दूसरी ओर विपक्ष अपने प्रमुख मुद्दों को बैठक में उठाएगा और संसद में सरकार को घेरने की रणनीति साझा करेगा।

सूत्रों के अनुसार, विपक्ष संसद में NEET-UG पेपर लीक, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े मुद्दों, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान तथा हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है। इन विषयों पर विपक्ष पहले ही आक्रामक रुख अपना चुका है और मानसून सत्र में इनके जोरदार ढंग से उठने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं सरकार की प्राथमिकता कई अहम विधेयकों को आगे बढ़ाने की रहेगी। इनमें प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा लाने की संभावना भी जताई जा रही है। इसके अलावा 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट भी संसद में पेश की जा सकती है। इस विधेयक के कुछ प्रावधान पहले से ही राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं।

हाल के दिनों में कई राजनीतिक दलों में हुए विभाजन और दल-बदल की घटनाओं के कारण भी इस बार का सत्र काफी गर्म रहने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीति में हुए बदलावों के साथ-साथ विभिन्न दलों के सांसदों के पाला बदलने का मुद्दा भी संसद में गूंज सकता है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा, बहस और विधायी कार्य होने की उम्मीद है।

Monsoon Session : मॉनसून सत्र से पहले बदले राजनीतिक समीकरण, क्या पास होंगे महिला आरक्षण और परिसीमन बिल?

सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनहित और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र के दौरान संसद में तीखी बहस, हंगामा और कई अहम फैसले देखने को मिल सकते हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button