
UGC-NET Paper Leak : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने UGC-NET Sociology परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 30 जून को आयोजित परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़ी एक PDF सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें मौजूद करीब 90 सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित कई राज्यों में कथित तौर पर ₹2.25 लाख में बेचा जा रहा था।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा से पहले 100 पेज की PDF प्रसारित की गई थी, जो प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से संबंधित थी और ऐसी सामग्री केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पास उपलब्ध होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यही नेटवर्क CSIR-NET, HTET और ADA जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी उपलब्ध करा रहा था।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि NEET और NET जैसी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे विवादों के बावजूद सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत दांव पर लगी हुई है।
राहुल गांधी ने अपने आरोपों के समर्थन में एक मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि परीक्षा से पहले कथित प्रश्नपत्र लीक हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहतक में दो छात्र नेताओं ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उम्मीदवारों को पढ़ाए गए सवालों में से एक सेट परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाता था।
इस बीच, UGC-NET Sociology परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उम्मीदवारों का आरोप है कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में स्पेलिंग, व्याकरण और टाइपिंग संबंधी त्रुटियां थीं। कई प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों और लेखकों के नाम गलत लिखे गए थे, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि 2024 की परीक्षा के कई प्रश्न इस बार लगभग उसी क्रम और विकल्पों के साथ दोहराए गए। सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने परीक्षा में AI-जनरेटेड प्रश्नों और सिलेबस से बाहर के सवाल शामिल होने का भी आरोप लगाया है।
फिलहाल, इन आरोपों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर छात्रों और विपक्ष की ओर से निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।



