
UP Mau News: शीतला माता मंदिर के प्रस्तावित जीर्णोद्धार और गर्भगृह के विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ब्राह्मण विकास परिषद ने मंदिर की मूल मूर्ति (विग्रह) को उसके वर्तमान स्थान से न हटाने की अपील की है। परिषद के अध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने कहा कि सदियों पुरानी जागृत मूर्ति का विस्थापन शास्त्रीय परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है।
उन्होंने सभी सनातन प्रेमियों और श्रद्धालुओं से मंदिर के विकास के साथ-साथ मूल विग्रह की यथास्थिति बनाए रखने का समर्थन करने का आग्रह किया।
शास्त्रीय मर्यादाओं का दिया हवाला
परिषद की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि किसी जागृत शक्तिपीठ की मूर्ति का विस्थापन सामान्य प्रक्रिया नहीं है। परिषद के अनुसार, शास्त्रीय मान्यताओं के तहत शक्ति स्वरूप मूर्ति के विस्थापन और पुनर्प्रतिष्ठा के लिए विशेष धार्मिक विधियों और पात्र आचार्य की आवश्यकता होती है।
परिषद का दावा है कि मूर्ति को हटाने और पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया, स्थापना की तुलना में अधिक जटिल और विस्तृत कर्मकांडों से जुड़ी होती है।
‘निर्माल्य’ बनने की आशंका जताई
ब्राह्मण विकास परिषद ने यह भी कहा कि यदि शास्त्रीय विधि के अनुसार मूर्ति का विसर्जन किया जाता है, तो वह ‘निर्माल्य’ की श्रेणी में आ सकती है। परिषद के अनुसार, ऐसी स्थिति में उसी मूर्ति की पुनः पूजा संभव नहीं मानी जाती और नई मूर्ति स्थापित करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
हालांकि, यह परिषद द्वारा प्रस्तुत धार्मिक व्याख्या और मत है। इस विषय पर विभिन्न परंपराओं और विद्वानों के अलग-अलग मत भी हो सकते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था का रखा मुद्दा
परिषद का कहना है कि शीतला माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यदि मूल विग्रह को हटाया या बदला गया, तो इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं और वर्षों से चली आ रही धार्मिक मान्यता पर असर पड़ सकता है।
परिषद ने दिया यह सुझाव
ब्राह्मण विकास परिषद ने मंदिर के विकास के लिए एक वैकल्पिक प्रस्ताव भी रखा है। परिषद का सुझाव है कि—
- मूल विग्रह को बिना छेड़े वर्तमान स्थान पर ही सुरक्षित रखा जाए।
- उसी स्थान को केंद्र में रखकर गर्भगृह और मंदिर परिसर का भव्य विस्तार किया जाए।
- मंदिर का निर्माण इस प्रकार हो कि धार्मिक परंपराएं और आधुनिक सुविधाएं दोनों सुरक्षित रहें।
परिषद का मानना है कि इससे मंदिर की भव्यता भी बढ़ेगी और श्रद्धालुओं की आस्था भी अक्षुण्ण बनी रहेगी।
सभी पक्षों में जारी है चर्चा
शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा जारी है। ब्राह्मण विकास परिषद ने अपने विचार सार्वजनिक करते हुए श्रद्धालुओं से समर्थन की अपील की है। वहीं, मंदिर के जीर्णोद्धार और संभावित निर्माण से जुड़े अंतिम निर्णय संबंधित प्रबंधन, प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों की प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएंगे।
रिपोर्ट: जिला संवाददाता मऊ



