
UP Weather Today: देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर प्रदेश से सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए कमजोर होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा असर
लगातार तीन दिनों की बारिश ने महाराष्ट्र में हालात गंभीर कर दिए हैं। मुंबई-पुणे रेल मार्ग के करजत-लोनावला स्थित भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर भूस्खलन होने से तीनों रेलवे लाइनें प्रभावित हुईं, जिसके चलते करीब 20 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। वहीं मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर भी भूस्खलन के कारण यातायात बाधित रहा।
सातारा जिले के महाबलेश्वर में वेण्णा नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने से 10 से 12 पर्यटक बीच में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुल पर फंसी कारों को क्रेन की सहायता से हटाया गया।
मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद, उड़ानें भी प्रभावित
मुंबई में लगातार बारिश को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया है। खराब मौसम के कारण मुंबई एयरपोर्ट से 17 उड़ानें रद्द कर दी गईं। प्रशासन ने निजी कार्यालयों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी है और लोगों से समुद्र तट, जलभराव वाले इलाकों तथा जर्जर इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में भी बारिश बनी आफत
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से छह से सात वाहन मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों की तलाश में जुटा है।
वहीं हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक चलती कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई।
राजस्थान में सड़कें जलमग्न
राजस्थान के पाली जिले में अरावली क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बाली और देसूरी-सादड़ी क्षेत्र की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विशाखापत्तनम तट पर छह मछुआरे अब भी लापता
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर समुद्र में लापता छह मछुआरों की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही। नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल संयुक्त अभियान चला रहे हैं। एक जुलाई को समुद्र में गए सात मछुआरों में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि छह का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ सकता है असर
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर भी दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम बारिश और कमजोर हवाओं के कारण जलविद्युत एवं पवन ऊर्जा उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग में वृद्धि होगी। अनुमान है कि जुलाई 2026 से जून 2027 के बीच देश में करीब 18 टेरावाट घंटे बिजली की कमी देखने को मिल सकती है।
IMD की सलाह
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर जलभराव की चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।



