
Bihar Political News: बिहार की राजनीति में लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) अब खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि प्रशांत किशोर पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव लड़ेंगे। यह पहला मौका होगा जब पीके किसी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमाएंगे।
जन सुराज ने किया आधिकारिक ऐलान
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रशांत किशोर को बांकीपुर उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया। घोषणा के बाद पीके ने कहा कि पिछले चार वर्षों से उनका पूरा ध्यान बिहार में राजनीतिक बदलाव लाने के मिशन पर रहा है और आने वाले वर्षों में भी उनका लक्ष्य राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित करना रहेगा।
उन्होंने कहा कि बांकीपुर से चुनाव लड़ना केवल एक सीट जीतने की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार में वैकल्पिक राजनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
क्यों हो रहा है बांकीपुर में उपचुनाव?
बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी नेता नितिन नवीन ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी। बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिससे यह सीट खाली हो गई।
अब इसी सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
बीजेपी के गढ़ में दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद
बांकीपुर सीट पर वर्षों से बीजेपी का दबदबा रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीके की व्यक्तिगत पहचान, चुनावी रणनीति का अनुभव और जन सुराज का अभियान इस चुनाव को राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल कर सकता है।
हालांकि बीजेपी के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल होगी, क्योंकि यह लंबे समय से उसके मजबूत वोट बैंक का हिस्सा रही है।
पहली बार चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर अब तक देश के कई बड़े नेताओं और राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर चुके हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रबंधन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन स्वयं कभी चुनाव नहीं लड़ा।
पिछले चुनावों में उनके राघोपुर और अपने गृह क्षेत्र करगरह से चुनाव लड़ने की चर्चाएं जरूर हुई थीं, लेकिन उन्होंने तब मैदान में उतरने से इनकार कर दिया था। अब बांकीपुर उपचुनाव के जरिए वह पहली बार सीधे जनता के बीच वोट मांगते नजर आएंगे।
बिहार की राजनीति पर रहेगी नजर
प्रशांत किशोर का चुनाव लड़ने का फैसला बिहार की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि जन सुराज की राजनीतिक ताकत और प्रशांत किशोर की जनस्वीकार्यता की भी बड़ी परीक्षा होगा। ऐसे में पूरे राज्य की निगाहें अब बांकीपुर सीट पर होने वाले इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी रहेंगी।



