
पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि उनकी बेटी अपराध की दोषी पाई जाती है, तो उसे कानून के अनुसार सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार के इस बयान ने मामले को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
पुलिस पहले ही इस मामले को दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या और आपराधिक साजिश का मामला मानकर जांच कर रही है।
बेटी के खिलाफ भी न्याय की मांग
सिया गोयल की मां ने कहा कि यदि जांच और अदालत में यह साबित हो जाता है कि उनकी बेटी ने अपराध किया है, तो उसे फांसी जैसी कठोर सजा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय किसी रिश्ते से बड़ा होता है और अपराधी को उसके कृत्य की सजा मिलनी ही चाहिए।
सिया के पिता प्रवीण गोयल ने भी इसी तरह की बात दोहराते हुए कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह उनकी अपनी बेटी ही क्यों न हो।
मुश्किल दौर से गुजर रहा परिवार
मामले के बीच सिया का परिवार भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रवीण गोयल को 23 जून को दिल का दौरा पड़ा था और उनका इलाज चल रहा है। परिवार के सदस्य अस्पताल और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच लगातार व्यस्त हैं।
पुणे के मार्केट यार्ड क्षेत्र स्थित परिवार का घर फिलहाल बंद बताया जा रहा है।
क्या है केतन अग्रवाल मौत का मामला?
पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत पहले एक ट्रैकिंग दुर्घटना मानी जा रही थी। बताया गया था कि वह लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिर गए थे।
हालांकि बाद में जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर मामला हत्या और आपराधिक साजिश में बदल दिया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया।
जांच में सामने आए कथित साजिश के संकेत
पुलिस का दावा है कि घटना से कुछ घंटे पहले सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों के बीच हुई बातचीत और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से यह संकेत मिलता है कि वे घटना से पहले संपर्क में थे।
जांच एजेंसियां यह भी दावा कर रही हैं कि दोनों ने कथित रूप से पहले से योजना बनाकर स्थान का चयन किया था।
पहले भी हुई थी कथित कोशिश
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि सिया पहले भी कई बार केतन को लोहागढ़ किले ले जा चुकी थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, एक पूर्व यात्रा के दौरान भी संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई थीं।
हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड बने जांच का अहम हिस्सा
मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज और फोन रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध रिकॉर्ड से सिया और चेतन के बीच पिछले कई महीनों में लगातार संपर्क होने के संकेत मिले हैं।
जांच एजेंसियां इन तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम को समझने और कथित साजिश की परतें खोलने का प्रयास कर रही हैं।
शादी की तैयारी के बीच हुई मौत
केतन अग्रवाल अपने परिवार के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े थे और कंपनी में निदेशक तथा मुख्य विपणन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं।
पुलिस का मानना है कि रिश्तों से जुड़ी परिस्थितियां और व्यक्तिगत कारण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
जांच जारी, अदालत के फैसले का इंतजार
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और विभिन्न साक्ष्यों की पड़ताल जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा प्रस्तुत सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
इस बीच, सिया गोयल के माता-पिता का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी के प्रति पारिवारिक भावनाओं से ऊपर उठकर न्याय और कानून के पालन की बात कही है।



