
Ram Mandir Controversy : पूरे देश-दुनिया में थू-थू होने के बाद आज गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन ने एफआईआर दर्ज कराई, जो एसआईटी सिफारिश के एकदम विपरीत है। ट्रस्ट ने सोची समझी चाल के तहत ये एफआईआर कराई है। अब प्रश्न ये उठता है कि ये आठ लोग, जिनके खिलाफ एफआईआर हुई है, चंदा गिनने के अलावा क्या इन्हीं के पास सोने-चांदी की ईंटों, हीरे-जवाहरात के गहनों को संभालकर रखने की जिम्मेदारी ट्रस्ट द्वारा दी गई थी? क्या ये अस्थायी कर्मचारी इतने भरोसेमंद थे कि पूरे ट्रस्ट ने आंख बंद करके रामलला के खजाने की रखवाली की जिम्मेदारी इनको सौंप दी थी? जैसा कि हिन्दू आस्था के इस बड़े केंद्र मे हुई चोरी को लेकर तरह-तरह के प्रश्न लोग कर रहे हैं। अब वह जानना चाहेंगे कि क्या ट्रस्ट के सभी सदस्य आंख मूंद कर इन कर्मचारियों पर भरोसा करते थे। इसका जवाब आना अभी बाकी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद इसकी पूरी जांच करवाने की जिम्मेदारी एक तरह से प्रदेश सरकार पर डाल दी गई है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घोटाले मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। कहा जा रहा है कि एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है। एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। यह एफआईआर रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष और करुणेश के खिलाफ दर्ज की गई है। इस संबंध में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यूपी सरकार के निर्देश पर बीएनसी के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला रामजन्मभूमि कोतवाली में दर्ज हुआ है।
चंपत राय ने जिला प्रशासन को जानकारी देने से किया इनकार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से मांगी गई दान और वित्तीय लेनदेन की जानकारी देने से इनकार कर दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, इसलिए फिलहाल वित्तीय रिकॉर्ड साझा नहीं किए जा सकते।
यह मामला तब सामने आया जब अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट के दान, बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री, संपत्तियों और खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की। पीएमओ ने शिकायत को अयोध्या जिला प्रशासन के पास भेजा, जिसके बाद प्रशासन ने ट्रस्ट से जानकारी मांगी। ट्रस्ट का कहना है कि जांच के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज एसआईटी के पास हैं, इसलिए फिलहाल कोई सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं है। शिकायत में ‘समर्पण निधि’ से जुटाई गई राशि, चढ़ावे, सोना-चांदी, ऑडिट रिपोर्ट और निर्माण कार्यों पर हुए खर्च का विवरण भी मांगा गया है।
चंपत के ‘भरतकुटीर’ में मिला चांदी का काकभुशुण्डि
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच एक दिन पहले गायब बताए गए चांदी के काकभुशुण्डि के कारसेवकपुरम स्थित भरतकुटीर में मिलने की जानकारी सामने आई है। यही चंपत राय का निवास है। काकभुशुण्डि दान करने वाली अनीता ने आरोप लगाया कि उन्हें दान की रसीद नहीं दी गई थी। वहीं दानदाता श्रीनिवास शास्त्री ने भी चांदी की ईंटों और करीब छह लाख रुपये की रोटी बनाने वाली मशीन की रसीद नहीं मिलने का दावा किया है। हालांकि अन्य कुछ दान की गई वस्तुओं की रसीद मिलने की बात भी उन्होंने कही। मामले को लेकर दान की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
राम मंदिर पर आतंकी साजिश के आरोप में सुहैल अरेस्ट
सहारनपुर। अयोध्या राम मंदिर को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और एटीएस ने सहारनपुर के गंगोह निवासी मोहम्मद सुहैल को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। परिजनों के अनुसार वह अपने भाई के साथ रंगाई-पुताई के काम के लिए कर्नाटक गया था। परिवार ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया है। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। मामले की जांच जारी है और एजेंसियों ने अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।



