अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पोस्ट-पोल हिंसा की शिकायतें दर्ज, भाजपा नेताओं ने लगाए हमले और तोड़फोड़ के आरोप

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर पोस्ट-पोल हिंसा का मुद्दा चर्चा में आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, उनके करीबी सहयोगी सुमित रॉय और स्थानीय टीएमसी इकाई के खिलाफ दो औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इन शिकायतों में चुनाव के बाद कथित हिंसा, मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

मामला दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां भाजपा नेताओं ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा नेताओं ने दर्ज कराई शिकायत

जानकारी के अनुसार, ये शिकायतें भाजपा के दो नेताओं प्रबीर हलदार और अशोक बर्मन ने डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई हैं। दोनों नेता दक्षिण 24 परगना जिले के सरिशा क्षेत्र के निवासी हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव परिणामों के बाद उन्हें राजनीतिक हिंसा का निशाना बनाया गया और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।

अशोक बर्मन ने लगाए मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप

अशोक बर्मन, जो वर्ष 2022 में भाजपा के दक्षिण 24 परगना संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष पद पर थे, ने आरोप लगाया है कि चुनाव के बाद उनके घर पर हमला किया गया था।

उनका दावा है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उनके मछली व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठान तथा गोदाम को भी नुकसान पहुंचाया गया। बर्मन का कहना है कि इस घटना से उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ा।

प्रबीर हलदार ने भी लगाए समान आरोप

दूसरे शिकायतकर्ता प्रबीर हलदार ने भी दावा किया है कि चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा में उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई और उन्हें राजनीतिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

हलदार का कहना है कि उन्होंने घटना के संबंध में कानूनी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।

पुलिस पर भी उठे सवाल

दोनों भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब उन्होंने पहली बार डायमंड हार्बर थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, तब पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार नहीं की।

हालांकि, बाद में उनकी शिकायतें थाने में दर्ज कर ली गईं। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

जांच को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतें स्वीकार कर ली गई हैं, लेकिन मामले में जांच शुरू होने या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इस बीच, शिकायतों में नामजद अभिषेक बनर्जी और सुमित रॉय की ओर से भी अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भी इस मामले पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

राजनीतिक माहौल में फिर गरमाया पोस्ट-पोल हिंसा का मुद्दा

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा के आरोप लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहे हैं। विभिन्न चुनावों के बाद विपक्षी दलों ने कई बार सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं पर हिंसा और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं, जबकि टीएमसी इन आरोपों को खारिज करती रही है।

ताजा शिकायतों ने एक बार फिर राज्य में राजनीतिक टकराव और चुनाव बाद हिंसा के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।

आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इन शिकायतों पर क्या कदम उठाती है और क्या मामले में औपचारिक जांच शुरू की जाती है। साथ ही, आरोपों पर अभिषेक बनर्जी, सुमित रॉय और टीएमसी की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।

मामले में आगे आने वाले घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकते हैं।

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