UP Fatehpur Religious News: जश्ने शोहदा-ए-कर्बला कॉन्फ्रेंस में गूंजा अहले बैत का पैगाम, करबला की कुर्बानियों को किया गया याद

मौलाना आमिर मियां सफवी ने करबला के वाकये का किया बयान, दीन और सुन्नत की राह पर चलने का दिया संदेश

UP Fatehpur Religious News: थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के सुल्तानपुर घोष गांव में आयोजित जश्ने शोहदा-ए-कर्बला कॉन्फ्रेंस में करबला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में करबला की ऐतिहासिक घटनाओं और अहले बैत की बेमिसाल कुर्बानियों का विस्तार से जिक्र किया गया। करबला के दर्दनाक वाकयों का बयान सुनकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गमगीन हो उठा।

कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में ख़ानकाह-ए-चिश्तिया दीदारिया, करेली (प्रयागराज) से पधारे मौलाना आमिर मियां सफवी का अंजुमन कमेटी सुल्तानपुर घोष और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अहले बैत की फज़ीलत, उनके जीवन आदर्शों और दीन-ए-इस्लाम के लिए दी गई कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मौलाना ने खातून-ए-जन्नत हज़रत बीबी फातिमा, हज़रत मौला अली, इमाम हसन, इमाम हुसैन, हज़रत अब्बास, हज़रत मुस्लिम बिन अकील सहित अन्य महान हस्तियों के जीवन प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने करबला के मैदान में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, इमाम कासिम, औन-मोहम्मद, हज़रत अली अकबर, छह माह के शिशु हज़रत अली असगर और अन्य शोहदा-ए-कर्बला की शहादत का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि दीन-ए-इस्लाम की हिफाजत के लिए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर इंसानियत के लिए अमर मिसाल कायम की।

उन्होंने अपनी तकरीर की शुरुआत और समापन “सबक-ए-कदमी” शीर्षक से किया। इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ है अपने पूर्वजों और बुजुर्गों के बताए रास्ते पर कदम से कदम मिलाकर चलना। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रसूल-ए-पाक ने इमाम हुसैन की परवरिश की, उसी मार्ग पर चलते हुए इमाम हुसैन ने करबला में सत्य, न्याय और दीन की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

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मौलाना आमिर मियां सफवी ने लोगों से पांच वक्त की नमाज की पाबंदी करने, अल्लाह और उसके रसूल की सुन्नतों पर अमल करने तथा समाज में अमन, भाईचारा और इंसानियत के मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान “या हुसैन”, “या रसूल अल्लाह”, “नारा-ए-हैदरी”, “इस्लाम जिंदाबाद” और “अल्लाहु अकबर” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। समापन पर रसूल और आले रसूल की बारगाह में सलातो-ससलाम पेश किया गया तथा देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की गई।

कार्यक्रम में कारी एवं मौलाना अनवार अहमद, कारी बिलाल नूरी, कारी मतीन, हाफिज सरवर हबीबी, हाफिज मोअज्जम सहित कई उलेमा-ए-किराम मौजूद रहे। आयोजन की जिम्मेदारी शीबू खान (पत्रकार) ने निभाई। इस अवसर पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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