
अमित शाह ने नशीले पदार्थों की तस्करी को दुनिया के लिए सबसे बड़ा सीमा-रहित खतरा बताते हुए इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर साझा कार्रवाई का आह्वान किया है। शुक्रवार को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) द्वारा आयोजित RN काओ मेमोरियल लेक्चर में गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
‘Narcotics: A Borderless Threat, A Collective Responsibility’ विषय पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों से अर्जित धन आतंकवादी नेटवर्क, संगठित अपराध और समानांतर अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुनिया ने समय रहते सामूहिक कदम नहीं उठाए तो आने वाले दशक में इसकी भयावहता को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा।
गृह मंत्री ने 40 से अधिक देशों के राजदूतों और राजनयिकों को संबोधित करते हुए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचे की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में अलग कानून और सजा होने के कारण ड्रग तस्कर सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।
अमित शाह ने रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, सीमा पार अभियानों और ड्रग माफियाओं के प्रत्यर्पण को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले दो वर्षों में मित्र देशों की मदद से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक “नशा मुक्त भारत” का लक्ष्य तय किया है। भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत देश में न तो एक ग्राम नशीला पदार्थ प्रवेश करने दिया जाएगा और न ही भारत को ड्रग्स ट्रांजिट रूट बनने दिया जाएगा।



