
Ghaziabad Park Project 2026: गाजियाबाद, जो एनसीआर का प्रवेश द्वार माना जाता है, अब ‘सिटी ऑफ पार्क्स’ के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने पर्यावरण सुधार, पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए करीब 243 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
इस योजना के तहत शहर में सात आधुनिक थीम आधारित पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ये पार्क सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और आधुनिक भारत की झलक भी पेश करेंगे। पार्कों में रामायण काल के प्रसंग, भारतीय संविधान की यात्रा, आधुनिक खेल सुविधाएं और बच्चों के लिए प्ले एरिया सहित मनोरंजन के विभिन्न विकल्प शामिल होंगे।
इंदिरापुरम में संस्कृति पार्क का निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। यह पार्क भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा और जून 2026 तक तैयार होने की संभावना है। मधुबन बापूधाम में लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से “विकसित भारत पार्क” विकसित किया जाएगा, जो आधुनिक भारत और भविष्य की संभावनाओं को हाईटेक सुविधाओं के साथ दिखाएगा।
लोनी के कोयल एन्क्लेव में 27 करोड़ रुपये की लागत से ‘रामायण थीम पार्क’ तैयार किया जा रहा है। इसमें रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में पेश किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस पार्क का उद्घाटन सितंबर 2026 तक आम जनता के लिए होने की संभावना है।
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जीडीए का उद्देश्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर शहरवासियों को पिकनिक, खेलकूद और मनोरंजन के लिए विश्वस्तरीय विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। इन पार्कों के बनने के बाद गाजियाबाद न केवल हरियाली में समृद्ध होगा, बल्कि पर्यटन और शहरी विकास के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाएगा।
Written By: Kalpana Pandey



