
Delhi School Rules: Directorate of Education के नए आदेश ने पेरेंट्स की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को कम कर दिया है। अब प्राइवेट स्कूल उन्हें तय दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। इस फैसले से खर्च में कमी आने की उम्मीद है और पेरेंट्स को अपनी पसंद से खरीदारी की आजादी मिलेगी।
स्कूलों पर सख्त नियम लागू
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोई भी स्कूल किसी एक दुकान को अनिवार्य नहीं बना सकता। इसके अलावा तय सिलेबस से बाहर अतिरिक्त सामान थोपने पर भी रोक लगा दी गई है। यूनिफॉर्म को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है—अब कम से कम तीन साल तक उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
शिकायत का मिला सीधा रास्ता
अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो पेरेंट्स सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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पारदर्शिता पर जोर
स्कूलों को अब हर क्लास के लिए किताबों और जरूरी सामान की पूरी लिस्ट अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर डालनी होगी। साथ ही यूनिफॉर्म की डिटेल और कम से कम पांच दुकानों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि पेरेंट्स के पास विकल्प मौजूद रहें। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
Written By: Kalpana Pandey



