Drug Price : अप्रैल से महंगी होंगी जरूरी दवाइयां, पेनकिलर और एंटीबायोटिक के दाम बढ़ाने की मंजूरी

Drug Price : 1 अप्रैल से 767 जरूरी दवाइयों के दाम बढ़ेंगे। एनपीपीए ने WPI के आधार पर पेनकिलर और एंटीबायोटिक की कीमतों में 0.64% तक बढ़ोतरी की मंजूरी दी।

Drug Price : आम लोगों को 1 अप्रैल से महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। National Pharmaceutical Pricing Authority (एनपीपीए) ने 767 आवश्यक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पेनकिलर, एंटीबायोटिक और अन्य जरूरी दवाओं के दाम 0.64 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।

एनपीपीए के अनुसार, यह वृद्धि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में हुए सालाना बदलाव के आधार पर की गई है। Department for Promotion of Industry and Internal Trade द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में 2024 की तुलना में WPI में 0.64956 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि दवा निर्माता कंपनियां इस WPI के आधार पर निर्धारित दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें सरकार से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रावधान ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 (DPCO) के तहत लागू होता है।

जरूरी दवाओं की लंबी सूची

National List of Essential Medicines (NLEM) में करीब 900 दवाओं के फॉर्मुलेशन शामिल हैं। इनमें दर्द निवारक दवाएं, एंटीबायोटिक्स और एंटी-इन्फेक्टिव दवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि बढ़ी हुई कीमतें जीएसटी के बिना होंगी। साथ ही, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के लिए तय सीलिंग प्राइस से अधिक कीमत पर दवाइयां बेचना गैरकानूनी है।

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