World Water Day 2026: मनरेगा और जल प्रबंधन पर लखनऊ में संगोष्ठी, संरक्षण पर जोर

World Water Day 2026: लखनऊ में विश्व जल दिवस 2026 पर मनरेगा और जल प्रबंधन पर संगोष्ठी आयोजित हुई। जल संरक्षण, तालाब निर्माण और ग्रामीण विकास पर हुई चर्चा।

World Water Day 2026: World Water Day (22 मार्च) के अवसर पर ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा ‘ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के प्रभाव एवं जल प्रबंधन की चुनौतियां’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जवाहर भवन स्थित आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम Keshav Prasad Maurya के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया, जिसमें जल संरक्षण और पुनर्भरण को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।

जल संरक्षण पर ठोस कार्यों की जरूरत

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास G. S. Priyadarshi ने कहा कि जल संरक्षण के लिए ठोस और व्यावहारिक कार्ययोजनाओं की जरूरत है। उन्होंने चेताया कि जलागम क्षेत्र के सही आकलन के बिना तालाब निर्माण अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता।

जनजागरूकता और पारंपरिक स्रोतों पर जोर

विशेषज्ञों ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता की कमी को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और पारंपरिक जल स्रोतों, खासकर तालाबों के संरक्षण पर बल दिया। साथ ही बढ़ती जल खपत और आधुनिक संसाधनों से जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव पर चिंता जताई गई।

मनरेगा की भूमिका अहम

संगोष्ठी में बताया गया कि MGNREGA के तहत किए जा रहे कार्य – जैसे तालाब निर्माण, चेकडैम और जल निकासी सुधार – ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट कम करने में सहायक साबित हो रहे हैं। इससे रोजगार के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।

हालांकि, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रखरखाव और स्थानीय भागीदारी की कमी को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया।

नीति और तकनीकी सुधार की जरूरत

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि जल संरक्षण को स्थायी बनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन को मजबूत किया जाए, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने ग्रामीण जल प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए साझा रणनीति पर विचार किया।

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