Bank Locker Safety: बैंक लॉकर में रखा सामान कितना सुरक्षित? क्यों जरूरी है अलग से बीमा, जानिए पूरी जानकारी

Bank Locker Safety: बैंक लॉकर को लोग अपनी कीमती चीजों जैसे सोना, गहने और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका मानते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी होती है कि लॉकर में रखे सामान के नुकसान पर बैंक की जिम्मेदारी सीमित होती है। Reserve Bank of India (RBI) के नियमों के अनुसार, अगर लॉकर से सामान गायब हो जाता है या नुकसान होता है, तो बैंक अधिकतम लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना तक ही मुआवजा देता है, जो अक्सर असली नुकसान से काफी कम होता है।

यही वजह है कि अब “बैंक लॉकर इंश्योरेंस” की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। यह बीमा चोरी, आग, डकैती के साथ-साथ बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी आपके सामान को सुरक्षा देता है। खास बात यह है कि यह बीमा बैंक नहीं, बल्कि जनरल इंश्योरेंस कंपनियां देती हैं, जिसे आप होम इंश्योरेंस के साथ ऐड-ऑन या अलग पॉलिसी के रूप में ले सकते हैं।

बीमा लेने की प्रक्रिया भी काफी आसान है। इसके लिए आपको अपने लॉकर में रखे सामान की सूची और अनुमानित कीमत बतानी होती है। आमतौर पर 10 लाख तक के कवर के लिए किसी जटिल वैल्यूएशन की जरूरत नहीं पड़ती। प्रीमियम भी बहुत कम होता है, जो कुल कीमत का लगभग 0.1% से 0.2% तक होता है।

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ध्यान देने वाली बात यह है कि बीमा क्लेम तभी मिलेगा जब आपने पॉलिसी में सामान का सही विवरण दिया हो। वहीं, प्राकृतिक आपदा जैसी “एक्ट ऑफ गॉड” स्थितियों में बैंक जिम्मेदार नहीं होता, ऐसे में सिर्फ आपका निजी बीमा ही काम आता है।

कुल मिलाकर, बैंक लॉकर सुरक्षित जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं। इसलिए अपने कीमती सामान को पूरी सुरक्षा देने के लिए लॉकर के साथ बीमा कराना आज के समय में एक समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।

Written By: Kalpana Pandey

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