UP Congress: अजय राय की कुर्सी पर क्यों उठे सवाल? संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच जानें पूरा मामला

UP Congress: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल की अटकलें तेज, अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम के बीच मतभेद की चर्चाओं ने बढ़ाई हलचल

UP Congress:  उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को बदले जाने की अटकलों ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है।

हालांकि, अभी तक केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अजय राय को पद से हटाने का कोई अंतिम आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर फैसला केंद्रीय नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में है।

अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम के बीच मतभेद की चर्चा

कांग्रेस के भीतर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बीच कामकाज को लेकर मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। सितंबर में द इंडियन एक्सप्रेस ने दोनों नेताओं की कार्यशैली में अंतर और संगठनात्मक मामलों को लेकर खींचतान की रिपोर्ट की थी।

पार्टी से जुड़े सूत्रों के हवाले से ऐसी चर्चा है कि दोनों नेताओं के बीच समन्वय की कमी का असर संगठन की गतिविधियों पर पड़ रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दिल्ली की बैठक के बाद बढ़ी चर्चाएं

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हाल में दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें यूपी संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई। इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की संभावना पर भी विचार किए जाने की बात सामने आई।

कुछ नेताओं की ओर से नेतृत्व में बदलाव का समर्थन किए जाने की चर्चा है, जबकि पार्टी के भीतर ऐसे नेता भी हैं जो अजय राय को बनाए रखने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।

आराधना मिश्रा के नाम की भी चर्चा

प्रदेश कांग्रेस में संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम भी सामने आया है। हालांकि, यह अभी चर्चा और सूत्रों पर आधारित जानकारी है और कांग्रेस की ओर से उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

कांग्रेस की ओर से फिलहाल चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर काम जारी रखने की बात सामने आती रही है।

संगठन में बदलाव का सवाल क्यों उठा?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के पीछे कई संगठनात्मक मुद्दों का जिक्र किया जा रहा है। इनमें प्रदेश संगठन के कामकाज, नेताओं के बीच तालमेल और आगामी चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति प्रमुख हैं।

सितंबर में एक प्रदेश स्तरीय बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय राय की गैरमौजूदगी भी चर्चा में आई थी। उस समय राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष चुनावी तैयारियों में व्यस्त हैं, जबकि अजय राय ने बैठक की जानकारी होने से इनकार किया था।

2027 चुनाव और सपा के साथ गठबंधन भी अहम मुद्दा

कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण संगठनात्मक परीक्षा का समय है। पार्टी की समाजवादी पार्टी के साथ सीटों के तालमेल को लेकर भी बातचीत चल रही है।

राजेंद्र पाल गौतम ने हाल में कहा था कि गठबंधन में सीटों की हिस्सेदारी और सम्मान दोनों बराबर होने चाहिए। कांग्रेस की ओर से चुनावी तैयारियों को लेकर संगठन को सक्रिय करने की प्रक्रिया भी जारी है।

कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियां भी हुईं

कांग्रेस ने चुनाव से पहले यूपी संगठन में कुछ नई जिम्मेदारियां भी दी हैं। सितंबर में पार्टी ने कुंवर सिंह निषाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह कदम पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा गया।

वहीं जून में राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का एआईसीसी प्रभारी नियुक्त किया गया था।

अजय राय की सक्रियता भी जारी

नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच अजय राय सार्वजनिक रूप से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। सितंबर में लखनऊ में निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन में वह राजेंद्र पाल गौतम और आराधना मिश्रा के साथ शामिल हुए थे।

इसके अलावा सितंबर के अंत में कांग्रेस के छात्र संवाद कार्यक्रम में भी अजय राय ने हिस्सा लिया था।

फिलहाल फैसला केंद्रीय नेतृत्व के पास

अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने की चर्चा के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस ने अभी तक नेतृत्व परिवर्तन पर कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।

राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसी बदलाव का फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में फिलहाल अजय राय के भविष्य को लेकर सामने आ रही खबरों को अटकलों और पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की जानकारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में संगठन, गठबंधन और नेतृत्व से जुड़े फैसले आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

written by Siddhi Srivastava

Show More

Related Articles

Back to top button