Trump-CNN विवाद: ABC, CBS, NBC और Fox News ने रोकी White House Pool Coverage, कहा- कोई Replacement नहीं होगा

Trump-CNN विवाद में ABC, CBS, NBC और Fox News ने White House pool coverage रोक दी। CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया।

Trump-CNN विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया संस्थानों के बीच विवाद सोमवार को और बढ़ गया। CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्कों ने White House television pool coverage रोकने का फैसला किया है।

टीवी पूल में ABC, CBS, NBC, Fox News और CNN शामिल हैं। पूल की व्यवस्था के तहत एक नेटवर्क की कैमरा टीम राष्ट्रपति के कार्यक्रमों को कवर करती है और तैयार वीडियो फीड को दूसरे नेटवर्कों तथा मीडिया संस्थानों के साथ साझा किया जाता है।

‘There will be no replacement pool’

Fox News के वॉशिंगटन ब्यूरो प्रमुख और मौजूदा टीवी पूल चेयर Bryan Boughton ने 21 सितंबर को पूल सदस्यों को ईमेल के जरिए फैसले की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस की उस स्थिति के बाद, जिसमें CNN को उसकी निर्धारित पूल जिम्मेदारी निभाने से रोका गया है, टीवी पूल राष्ट्रपति के उन कार्यक्रमों की कवरेज नहीं करेगा जिन्हें पूल कवरेज के तौर पर निर्धारित किया गया है।

ईमेल में यह भी स्पष्ट किया गया कि “There will be no replacement pool put in place”, यानी CNN की जगह किसी दूसरे नेटवर्क को पूल कवरेज के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा।

क्यों रोकी गई White House Pool Coverage?

White House television pool में शामिल नेटवर्क बारी-बारी से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की वीडियो कवरेज करते हैं और फुटेज साझा करते हैं। CNN को इस व्यवस्था में अपनी निर्धारित जिम्मेदारी निभानी थी, लेकिन व्हाइट हाउस ने उसके पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

इसके बाद पूल में शामिल दूसरे नेटवर्कों ने भी निर्धारित पूल कवरेज से हटने का फैसला किया।

इसका सीधा असर राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की टेलीविजन वीडियो कवरेज पर पड़ा है। Reuters के अनुसार, CNN को राष्ट्रपति के न्यूयॉर्क और संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रमों के लिए पूल कवरेज की जिम्मेदारी निभानी थी।

CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस में प्रवेश से रोका गया

यह घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने 18 सितंबर को CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। ट्रंप ने इन संस्थानों की रिपोर्टिंग को “FAKE NEWS” बताते हुए यह कदम उठाने की बात कही थी।

19 सितंबर को इन तीनों संस्थानों के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में प्रवेश से रोक दिया गया और उनके प्रेस बैज निष्क्रिय कर दिए गए। संबंधित मीडिया संस्थानों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने की बात कही।

CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा किया

सोमवार को CNN, MS NOW और Politico ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया। तीनों मीडिया संस्थानों का कहना है कि पत्रकारों को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करना अमेरिकी संविधान के First Amendment में दिए गए प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन है। मीडिया संस्थानों ने अदालत से ट्रंप प्रशासन के इस कदम पर रोक लगाने के लिए अस्थायी राहत की मांग की है।

White House का अपना वीडियो फीड जारी रहेगा

राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के लिए व्हाइट हाउस अपना आधिकारिक वीडियो फीड उपलब्ध कराता है। हालांकि, टीवी नेटवर्कों के लिए White House pool एक अलग और महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके जरिए नेटवर्क साझा कैमरा कवरेज हासिल करते हैं। टीवी पूल के निलंबन के बाद राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के लिए पहले की तरह साझा नेटवर्क कैमरा फीड उपलब्ध नहीं होगा।

प्रेस एक्सेस को लेकर बढ़ा विवाद

इस मामले ने अमेरिका में राष्ट्रपति और मीडिया के बीच White House press access और First Amendment से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

White House Correspondents’ Association की अध्यक्ष Jacqui Heinrich ने तीनों प्रतिबंधित मीडिया संस्थानों की पहुंच बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी मीडिया संस्थान की कवरेज के आधार पर उसे बाहर करने का मानक भविष्य में दूसरे मीडिया संगठनों पर भी लागू हो सकता है।

वहीं, ट्रंप प्रशासन ने इस कार्रवाई को प्रेस पर हमला मानने से इनकार किया है। ट्रंप ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा है कि उनका कदम “Fake News” के खिलाफ है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल मामला संघीय अदालत में पहुंच चुका है। CNN, MS NOW और Politico की याचिका पर अदालत की आगे की कार्यवाही यह तय करेगी कि व्हाइट हाउस द्वारा मीडिया एक्सेस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर क्या अंतरिम या अन्य कानूनी आदेश जारी होते हैं।

दूसरी ओर, टीवी पूल द्वारा कवरेज रोकने के फैसले से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा टेलीविजन कवरेज की मौजूदा व्यवस्था प्रभावित हुई है।

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