
यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं अन्य रेलवे परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जल की शुद्धता, स्वच्छता तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में अब तक चार हजार से अधिक नमूनों की जाँच की जा चुकी हैं। अभियान का संचालन प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस निगरानी अभियान के तहत 26 अगस्त से 17 अक्टूबर तक कुल 4,832 जल नमूनों की जांच की गई। इनमें 4,436 अवशिष्ट क्लोरीन, 377 बैक्टीरियोलॉजिकल तथा 19 केमिकल एनालिसिस से संबंधित नमूने शामिल हैं। इन जांचों के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। पेयजल की नियमित जांच से जलापूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता पर नजर रखने तथा संभावित कमियों की समय रहते पहचान करने में सहायता मिलती है। अवशिष्ट क्लोरीन की जांच से जल के क्लोरीनीकरण की स्थिति का आकलन किया जाता है, जबकि बैक्टीरियोलॉजिकल एवं रासायनिक जांच के माध्यम से जल की सूक्ष्मजीव संबंधी गुणवत्ता और रासायनिक मानकों की निगरानी की जाती है। जांच के दौरान गुणवत्ता मानकों में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई करने पर जोर दिया जाता है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता है। पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच, स्वच्छता एवं सतत निगरानी आवश्यक है। मंडल इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है, ताकि यात्रियों की यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं स्वास्थ्य के अनुकूल बन सके। यह सूचना उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह के द्वारा दी गई है।



