
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। रविवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। कई घंटों तक चले इस हमले में शहर के विभिन्न हिस्सों में विस्फोट, आगजनी और भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
घंटों तक गूंजते रहे धमाके
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रात के समय हवाई हमले का सायरन बजने के बाद राजधानी कीव में लगातार विस्फोट सुनाई दिए। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हुई, लेकिन बड़ी संख्या में दागी गई मिसाइलों और ड्रोन के कारण कई इलाकों को नुकसान पहुंचा।
रिहायशी इमारतों, कार्यालयों और अन्य भवनों में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई घंटों तक राहत अभियान चलाया।
जेलेंस्की ने बताया बड़ा हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि रूस ने राजधानी पर बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा।
जेलेंस्की ने एक बार फिर पश्चिमी देशों से यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने और अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की अपील की।
शहर के कई हिस्सों में नुकसान
हमले के दौरान राजधानी के कई इलाकों में आग लग गई। कुछ इमारतों को गंभीर क्षति पहुंची, जबकि मेट्रो स्टेशन का एक हिस्सा भी प्रभावित होने की खबर है। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है और घायलों का इलाज अस्पतालों में जारी है।
लगातार बढ़ रहा है युद्ध का दायरा
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष फरवरी 2022 से जारी है। हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते हवाई हमले युद्ध को और अधिक जटिल बना रहे हैं तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नजरें फिर युद्ध पर
कीव पर ताजा हमले के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें रूस-यूक्रेन युद्ध पर टिक गई हैं। पश्चिमी देशों की ओर से यूक्रेन को सैन्य सहायता और एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग तेज होने की संभावना है। वहीं, आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।



