
President Droupadi Murmu Romania Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में रोमानिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर हैं। लगभग तीन दशक बाद किसी भारतीय राष्ट्रप्रमुख की यह पहली रोमानिया यात्रा है, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इस दौरान भारत और रोमानिया ने व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से हुई उच्चस्तरीय वार्ता
राष्ट्रपति मुर्मू ने बुखारेस्ट में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन और प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ अलग-अलग उच्चस्तरीय बैठकें कीं। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत बनाने, उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने और निवेश के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी सहमति व्यक्त की।
व्यापार, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ बैठक में व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने माना कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारत और रोमानिया के बीच रणनीतिक साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं।
बिजनेस फोरम में रखा ‘विकसित भारत 2047’ का विजन
यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में रोमानिया जैसे विश्वसनीय साझेदार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज़ वृद्धि, डिजिटल परिवर्तन और निवेश के अनुकूल माहौल का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के उद्योग जगत से साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप सहयोग पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व नई साझेदारियों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमताओं और रोमानिया की तकनीकी विशेषज्ञता को जोड़कर नवाचार, अनुसंधान और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
2028 होगा ‘भारत-रोमानिया नवाचार वर्ष’
दोनों देशों ने वर्ष 2028, जब भारत और रोमानिया के राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे, उसे ‘भारत-रोमानिया नवाचार वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान विज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े कई संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पूर्वी यूरोप में भारत की रणनीतिक मौजूदगी होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को भी नई मजबूती देगी। व्यापार, निवेश और नवाचार पर बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



