PM Narendra Modi: पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन कर बोले PM मोदी- सैकड़ों छोटे शहरों को बनाना है ग्रोथ हब, 2014 तक सिर्फ 5 शहरों में थी मेट्रो

प्रधानमंत्री ने 21 हजार करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कहा- 2014 तक देश के सिर्फ पांच शहरों में चलती थी मेट्रो।

PM Narendra Modi: देश में शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे को लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने करीब 21 हजार करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान पुणे मेट्रो लाइन-3 को भी हरी झंडी दिखाई गई। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि किसी भी शहर की तरक्की केवल बड़ी इमारतों और सड़कों से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधाएं भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने छोटे शहरों को भी आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र यानी ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

पुणे के लोगों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत पुणे के लोगों को नई मेट्रो सुविधा की बधाई देकर की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां उस समय और बढ़ जाती हैं, जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है। पुणे के लोगों के लिए आज ऐसा ही अवसर है।

उन्होंने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा कि करीब 10 साल पहले उन्हें पुणे मेट्रो के पहले चरण के काम का शिलान्यास करने का अवसर मिला था। अब इस परियोजना का विस्तार शहर के विकास में नई भूमिका निभाएगा।

पीएम मोदी के मुताबिक, नई मेट्रो सुविधा से पुणे के बड़े आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को आने-जाने में सुविधा होगी। साथ ही सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

2014 तक सिर्फ पांच शहरों में चलती थी मेट्रो

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि भारत में पहली मेट्रो सेवा 1984 में शुरू हुई थी। इसके बाद लगभग तीन दशक में देश में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हो पाया था। साल 2014 तक देश के सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं।

उन्होंने कहा कि अगर पहले जैसी सोच और काम करने का तरीका जारी रहता तो पुणे तक मेट्रो पहुंचने में कई दशक और लग सकते थे। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 2014 में केंद्र में NDA सरकार आने के बाद शहरी परिवहन और मध्यम वर्ग की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का संकल्प शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन को आसान बनाना और परिवहन की सुविधाओं को बेहतर करना रहा है। आज मेट्रो नेटवर्क का विस्तार इसी सोच का परिणाम है।

छोटे शहरों को ग्रोथ हब बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में शहरी विकास को केवल बड़े महानगरों तक सीमित रखने के बजाय छोटे शहरों पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि शहर सिर्फ लोगों के रहने की जगह नहीं होते, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत को सैकड़ों छोटे शहरों को ग्रोथ हब में बदलने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए बेहतर परिवहन, आधुनिक सुविधाएं, निवेश और रोजगार के अवसर जरूरी हैं।

प्रधानमंत्री ने फरवरी में मंजूर किए गए अर्बन चैलेंज फंड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फंड के लिए केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपये की फंडिंग कर रही है। इसका उद्देश्य देश के शहरों में बड़े स्तर पर निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार की योजना इस माध्यम से शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विकास की नई संभावनाएं तैयार करने की है।

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21 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बदलेगी पुणे की तस्वीर?

पुणे महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक और आईटी केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पेशेवर रहते हैं। ऐसे में शहर की बढ़ती आबादी के साथ सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है।

मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर आईटी और व्यावसायिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था शहरों की आर्थिक प्रगति को गति देती है। बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का समय बचता है और कारोबार के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं।

पुणे मेट्रो के नए विस्तार और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं के जरिए सरकार का लक्ष्य शहर को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना है। अब इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ यात्रियों और स्थानीय कारोबारियों तक कितनी तेजी से पहुंचता है, यह इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

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