
UP Politics: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में कथित तौर पर धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति पिस्टल लेकर सुभासपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचा और पार्टी नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले में हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई है।
घटना को लेकर ओपी राजभर ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसके पीछे समाजवादी पार्टी के लोगों का हाथ होने का दावा किया है। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
क्या है पूरा मामला?
सुभासपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी धर्म प्रकाश चौधरी की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। शिकायत के मुताबिक, राशिद अली नाम का एक व्यक्ति पार्टी कार्यालय में पहुंचा और वहां मौजूद लोगों के साथ गाली-गलौज करने लगा।
आरोप है कि आरोपी ने ओपी राजभर और उनके बेटे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कीं। इसके बाद उसने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
‘रिवॉल्वर लेकर दफ्तर आया था राशिद अली’
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने दावा किया कि राशिद अली नाम के व्यक्ति ने पहले फोन करके उनके और अरविंद राजभर के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद वह कथित तौर पर पार्टी कार्यालय पहुंचा।
राजभर के मुताबिक, आरोपी ने कार्यालय प्रभारी से उनके और अरविंद राजभर के बारे में पूछा और गलत भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने रिवॉल्वर निकाल लिया। शोर होने पर आरोपी वहां से भाग गया।
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ओपी राजभर ने सपा पर लगाया आरोप
ओपी राजभर ने इस घटना के पीछे समाजवादी पार्टी के लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आरोपी बार-बार यह कह रहा था कि ओम प्रकाश राजभर और अरविंद राजभर को समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहिए।
राजभर ने कहा कि उन्हें पहले भी सपा के कई नेताओं की ओर से धमकियां मिलने का दावा किया गया है, इसलिए उन्हें इस घटना के पीछे भी सपा का हाथ होने का संदेह है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी कौन था, उसके पास हथियार कहां से आया और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
वहीं, ओपी राजभर की ओर से लगाए गए समाजवादी पार्टी से जुड़े आरोपों की भी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सुभासपा और सपा के बीच जुबानी टकराव तेज होने के आसार हैं।



