
New Delhi News-विदेश सचिव विक्रम मिसरी 1-2 नवंबर को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर रहे। यह यात्रा भारत-यूएई संबंधों की विशेषता रहे नियमित, उच्च-स्तरीय संवाद के क्रम में हुई और इसने ‘भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर प्रदान किया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा अबू धाबी में, विदेश सचिव ने यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री और भारत के लिए विशेष दूत, रीम अल हाशमी के साथ चर्चा की। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग के नए रास्ते तलाशे। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।
मंत्रालय ने कहा विदेश सचिव ने अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग के अध्यक्ष, मोहम्मद खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बैठक में सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान (जिसमें ‘हाउस ऑफ इंडिया’ भी शामिल है) तथा पर्यटन के क्षेत्र में संस्थागत संबंधों को और मजबूत करने और सहयोग के नए अवसर तलाशने पर चर्चा हुई। पर्यटन दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करता है।
विदेश सचिव ने अबू धाबी वित्त विभाग के अध्यक्ष और एक सॉवरेन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म और वेल्थ फंड के प्रबंध निदेशक एवं ग्रुप सीईओ जासिम मोहम्मद बुअताबा अल जाबी के साथ भी बातचीत की। यह बातचीत आर्थिक संबंधों को विस्तार देने पर केंद्रित थी, जिसका उद्देश्य निवेश प्रवाह को बढ़ाना और दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियां कायम करना है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल सके। इस यात्रा ने भारत-यूएई संबंधों के आधारभूत तत्वों, आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल को रेखांकित किया। साथ ही इसने आने वाले समय में इस साझेदारी को और अधिक गति देने के लिए दोनों पक्षों के साझा संकल्प को भी दर्शाया।
इससे पहले विदेश सचिव मिसरी ने बहरीन में आयोजित 22वें बनाए रखने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
रिपोर्ट-शाश्वत तिवारी



