नए रोजगार मिले नहीं, लगी लगाई नौकरी छिन रहे, अब छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक उपक्रमों पर भी है मोदी के मित्रो की टेढ़ी नजर

केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के गलत नीतियों का सबसे बड़ा नुकसान युवा और महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। जब केंद्र में अटल बिहारी बाजपेई की सरकार थी तब छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक उपक्रम बालकों को औने पौने दाम पर बेचा गया

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के गलत नीतियों का सबसे बड़ा नुकसान युवा और महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। जब केंद्र में अटल बिहारी बाजपेई की सरकार थी तब छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक उपक्रम बालकों को औने पौने दाम पर बेचा गया, अब मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के खदानो, छत्तीसगढ़ में संचालित सार्वजनिक उपक्रमो के साथ ही नगरनार के एनएमडीसी संयंत्र को भी बेचने का षड्यंत्र रच रही है। यूपीए के दौरान घोषित छत्तीसगढ़ के नो-गो ऐरिया को संकुचित करके पूंजीपति मित्रों को कोल खनन की अनुमति दी गयी। कोल इंडिया लिमिटेड के काम अडानी से कराये जा रहे है। छत्तीसगढ़ में कमर्शियल माईनिंग शुरू की गयी। अडानी के कोयले के निर्बाध ढुलाई के लिये यात्री ट्रेने रद्द की जा रही है। मोदी के अडानी परस्त नीतियों का खामियाजा छत्तीसगढ़ की जनता भुगत रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि दो करोड़ रोजगार हर साल और 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा करने वाली मोदी सरकार अब सार्वजनिक उपक्रम और देश के संसाधनो को बेचकर युवाओं के सरकारी नौकरी के अधिकार को भी बेचने का काम कर रही है। केवल चंद पूजीपति मित्रों के लाभ के लिए काम करने वाली मोदी सरकार के कुशासन में बेरोजगारी ऐतिहासिक रूप से शिखर पर है। 18 लाख से अधिक पद केवल केंद्रीय विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में खाली है लेकिन नई भर्तियां निकलने के बजाय केंद्र की मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को औने पौने दाम पर बेचने में लगी है। हाल ही में जारी आंकड़ों में यह स्पष्ट हुआ है कि विगत 3 साल के भीतर ही 31 लाख जॉब छीने गए, इनमें से 26 लाख महिलाओं की लगी लगाई नौकरी खत्म कर दिया गया, उपर से मंहगाई बेलगाम है। वादाखिलाफी, जुमले बाजी, झूठ और अडानी परस्त नीतियों के चलते युवा और महिलाएं ही सबसे ज्यादा पीड़ित प्रताड़ित है।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल रमन राज में छत्तीसगढ़, बड़े कॉर्पोरेट घरानों का चारागाह बना रहा। छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधन से लेकर बांध का पानी तक पूंजीपतियों को बेचे गये। 2016-17 में जब केंद्र और छत्तीसगढ़ दोनों जगह बीजेपी की सरकार थी तब बस्तर के दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पर्वत श्रृंखला के नंदराज पहाड़ को अदानी को बेचा गया। रमन सरकार में तो मृत व्यक्तियों के भी अंगूठे लगवा दिए गए। भूपेश सरकार ने उस ठेके को रद्द किया। परसाकोल ब्लॉक सहित पांच कोल ब्लॉक जो हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला क्षेत्र में आते हैं, उन्हें बंद किया जाए।

27 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया, मोदी सरकार उस प्रस्ताव पर आज तक मौन है। नगरनार में एनएमडीसी के स्थापित प्लांट को बेचने का षड्यंत्र मोदी सरकार कर रही है। भूपेश सरकार ने यह भी प्रस्ताव भेजा है कि यदि केंद्र को यदि बेचना ही है तो राज्य सरकार नगरनार के एनएमडीसी प्लांट को खरीदने तैयार है, उस पर भी भाजपाई मौन हैं। सत्ता में रहते आउटसोर्सिंग करने वाले भाजपाई बताएं कि आखिर छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अवसर को बेचकर किस बात का बदला लेना चाहते हैं।

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