
Mau News:जनपद मऊ के टड़ियाव (कोपागंज) निवासी युवा अधिवक्ता एवं समाजसेवी सतीश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को बेरोजगारी, युवाओं से जुड़े मुद्दों और सरकारी नीतियों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों की कमी और युवाओं की अनदेखी से समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
सतीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि देश और प्रदेश के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं तथा रोजगार, शिक्षा और अवसरों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता अपनी राय मतदान के माध्यम से व्यक्त करती है और युवा वर्ग भी आने वाले समय में अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी निभाएगा।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के माध्यम से किया जाना चाहिए।
अपने संबोधन के दौरान सतीश कुमार पाण्डेय ने युवाओं का उत्साह बढ़ाने के लिए कुछ पंक्तियाँ भी सुनाईं—
“ना दबा पाओगे आवाज़, ये दौर बदलने आया है,
युवा जब-जब जागा है, इतिहास नया मुस्कुराया है।
तख्त-ओ-ताज का घमंड भी मिट्टी में मिल जाएगा,
जब-जब वोटों की चोट पर ये नौजवान आया है!”
उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने और मतदान के अधिकार का जिम्मेदारी के साथ प्रयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और सभी राजनीतिक दलों को युवाओं की अपेक्षाओं तथा जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका यह बयान जनपद मऊ में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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