Mallikarjun Kharge: संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
लगातार विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष NEET मामले पर चर्चा चाहता है, लेकिन उससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
खड़गे के बयान के बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है और मामले का राजनीतिकरण कर रहा है।
इस बीच राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध का प्रतीक बताया।
संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
राज्यसभा में विपक्ष ने नियम 267 के तहत चर्चा की मांग भी उठाई। इस नियम के तहत सदन का सामान्य कामकाज रोककर किसी गंभीर मुद्दे पर तत्काल बहस कराई जा सकती है।
हालांकि सभापति ने यह मांग स्वीकार नहीं की। उनका कहना था कि इस विषय पर अन्य संसदीय प्रक्रियाओं के तहत चर्चा कराई जा सकती है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का तर्क है कि NEET विवाद, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और नेताओं की हिरासत जैसे मुद्दे बेहद गंभीर हैं। इसलिए इन पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। कई बार नारेबाजी और विरोध के कारण कार्यवाही बाधित हुई।
मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में ही शिक्षा और छात्र आंदोलन का मुद्दा राजनीतिक संघर्ष का बड़ा केंद्र बन गया है। अब सभी की नजर अगले दिन की कार्यवाही पर टिकी है।
देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध टूटता है या संसद में हंगामा आगे भी जारी रहता है।


