
Sports News: फुटबॉल की दुनिया से एक दुखद खबर सामने आई है। अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का निधन हो गया है। उन्होंने 68 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। अर्जेंटीना के समाचार संस्थान ‘ला नैसिओन’ के मुताबिक, जॉर्ज मेसी लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे और उनका रोसारियो के एक क्लिनिक में इलाज चल रहा था।
जॉर्ज मेसी के निधन की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब हाल के महीनों में उनकी सेहत को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रही थीं। इससे पहले भी सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में उनके निधन की खबरें सामने आई थीं, लेकिन उस समय मेसी परिवार ने इन खबरों का खंडन किया था। परिवार की ओर से बताया गया था कि जॉर्ज का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति को लेकर अटकलें सही नहीं हैं।
अब उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मेसी परिवार के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। जॉर्ज मेसी ने अपने बेटे के जीवन और करियर में जिस तरह की भूमिका निभाई, उसे देखते हुए उनका जाना लियोनेल मेसी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
जॉर्ज मेसी की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। उनके स्वास्थ्य को लेकर 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी खबरें सामने आई थीं। 18 जून को अल्जीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना के शुरुआती मुकाबले के बाद जॉर्ज मेसी की सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी।
उस समय कुछ घंटों के भीतर उनके निधन की खबरें भी सोशल मीडिया पर फैल गई थीं। हालांकि, मेसी परिवार ने इन खबरों का खंडन करते हुए साफ किया था कि जॉर्ज जीवित हैं और एक मेडिकल स्थिति के लिए उनका इलाज चल रहा है।
बाद में उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंता बनी रही। अब 8 अगस्त को उनके निधन की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने रोसारियो के एक क्लिनिक में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बेटे लियोनेल मेसी के लिए पिता से बढ़कर थे जॉर्ज
लियोनेल मेसी को आज दुनिया के सबसे महान फुटबॉल खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने क्लब फुटबॉल से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लगभग हर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। लेकिन मेसी की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है और इसमें उनके पिता जॉर्ज मेसी की भूमिका सबसे खास थी।
जॉर्ज ने अपने बेटे के शुरुआती फुटबॉल करियर से लेकर यूरोप तक पहुंचने के सफर में लगातार उनका साथ दिया। वह सिर्फ पिता के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक सलाहकार और करियर मैनेजर के रूप में भी मेसी के साथ रहे।
लियोनेल मेसी का बचपन अर्जेंटीना के रोसारियो में बीता। कम उम्र में ही उनके अंदर फुटबॉल की असाधारण प्रतिभा दिखाई देने लगी थी। जॉर्ज ने इस प्रतिभा को पहचानते हुए उनके खेल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्टील फैक्ट्री में काम करते थे जॉर्ज
लियोनेल मेसी के फुटबॉल करियर की शुरुआत के समय जॉर्ज मेसी एक स्टील फैक्ट्री में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह अपने बेटे के फुटबॉल करियर पर भी पूरा ध्यान देते थे।
मेसी जब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज के युवा सिस्टम में खेल रहे थे, तब जॉर्ज लगातार उनके साथ जुड़े रहे। उन्होंने बेटे के प्रशिक्षण और फुटबॉल से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाई।
मेसी की प्रतिभा धीरे-धीरे अर्जेंटीना से बाहर भी पहचानी जाने लगी। इसके बाद उनके सामने स्पेन जाकर बार्सिलोना की यूथ एकेडमी से जुड़ने का मौका आया। उस समय लियोनेल मेसी की उम्र सिर्फ 13 साल थी।
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13 साल की उम्र में बार्सिलोना पहुंचे मेसी
मेसी के करियर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब वह महज 13 साल की उम्र में अर्जेंटीना छोड़कर स्पेन चले गए। जॉर्ज मेसी ने इस फैसले में अपने बेटे का पूरा साथ दिया।
बार्सिलोना की यूथ एकेडमी में मेसी का सफर शुरू हुआ और देखते ही देखते वह क्लब के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए। हालांकि, उनके रास्ते में स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी चुनौती भी थी।
मेसी को ग्रोथ हार्मोन की कमी की समस्या थी। इस बीमारी के इलाज के लिए उन्हें नियमित रूप से इंजेक्शन लेने पड़ते थे। बार्सिलोना ने उनके इलाज का खर्च उठाने में मदद की। इस मुश्किल दौर में भी जॉर्ज अपने बेटे के साथ मजबूती से खड़े रहे।



