
International News: भारत की अध्यक्षता में इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की सीनियर अधिकारियों की समिति (CSO) की 28वीं बैठक नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना था।
पांच वर्षों में पहली बार पूरी तरह भौतिक प्रारूप में आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की थीम “नवाचार, खुलापन, लचीलापन और अनुकूलनशीलता” रखी गई थी, जिसके तहत समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
2028-2032 एक्शन प्लान पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान IORA के संस्थागत मामलों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। सबसे महत्वपूर्ण चर्चा आगामी IORA एक्शन प्लान (2028-2032) को लेकर रही, जो भविष्य में सदस्य देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और आपदा जोखिम प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई दिशा तय करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच यह कार्य योजना हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सामूहिक विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर जोर
भारत ने बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र में समावेशी विकास, समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी के सतत उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत के रणनीतिक विजन “महासागर” के अनुरूप क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने और साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान निकालने पर बल दिया गया।
बैठक में समुद्री संसाधनों के संरक्षण, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

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संगठन के विस्तार पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान IORA के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें संगठन का डायलॉग पार्टनर बनने के लिए कनाडा के आवेदन की समीक्षा भी शामिल रही।
वर्तमान में IORA में हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े 23 सदस्य देश और 12 संवाद भागीदार देश शामिल हैं। यह मंच क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत के लिए क्यों अहम है IORA?
हिंद महासागर विश्व व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में IORA भारत को क्षेत्रीय नेतृत्व मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक व रणनीतिक संबंधों को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।
नई दिल्ली में हुई यह बैठक हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग, सुरक्षा और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



