India Sri Lanka Model Village Project: श्रीलंका में भारत की बड़ी सौगात, ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत 48 नए घरों का उद्घाटन

केगाले और कलुतारा में भारत की अनुदान सहायता से बने दो मॉडल विलेज लाभार्थियों को सौंपे गए।

India Sri Lanka Model Village Project: भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति के तहत श्रीलंका में विकास सहयोग को एक नई मजबूती मिली है। भारत सरकार की आर्थिक अनुदान सहायता से श्रीलंका के केगाले और कलुतारा जिलों में निर्मित दो नए मॉडल विलेज का उद्घाटन कर 48 पक्के घर स्थानीय लाभार्थियों को सौंप दिए गए। इस पहल को दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और विकास साझेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने केगाले जिले के ‘नंदा गामा’ और कलुतारा जिले के ‘जाना अरुणा गामा’ मॉडल विलेज का उद्घाटन किया। दोनों परियोजनाओं के तहत कुल 48 आधुनिक पक्के आवास बनाए गए हैं, जिनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है।

उद्घाटन समारोह में केगाले में श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री डॉ. दम्मिका पटाबेंदी तथा कलुतारा में स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच विकास सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

उच्चायुक्त संतोष झा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारत की अनुदान सहायता से श्रीलंका के सभी 25 जिलों में मॉडल विलेज परियोजना के तहत घरों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-श्रीलंका मित्रता और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी है।

‘मॉडल विलेज हाउसिंग प्रोजेक्ट’ के तहत श्रीलंका के प्रत्येक जिले में योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल गांव विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक मॉडल विलेज में 24 पक्के घरों के साथ आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि लाभार्थियों को बेहतर जीवन-परिस्थितियां उपलब्ध कराई जा सकें।

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भारत लंबे समय से अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग देता रहा है। आर्थिक संकट के दौरान वित्तीय सहायता से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत लगातार श्रीलंका का भरोसेमंद साझेदार बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी विकास परियोजनाएं केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को भी नई मजबूती प्रदान करती हैं। भारत की यह पहल दक्षिण एशिया में मानवीय विकास और पड़ोसी देशों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने की उसकी दीर्घकालिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

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