
IND vs WI: भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 14 रन से जीत दर्ज कर सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन बनाए और फिर कैरेबियाई टीम को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। मुकाबला आखिरी चरण में रोमांचक हो गया था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की आक्रामक बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजों के योगदान की भी सराहना की। अय्यर के मुताबिक, बीच के ओवरों में विकेट गिरने के बावजूद भारतीय टीम ने मैच पर पकड़ बनाए रखी।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की साझेदारी ने बदला रुख
भारत की पारी में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने अहम भूमिका निभाई। अभिषेक ने 69 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 37 रन की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए महज 40 गेंदों में 108 रन की साझेदारी की।
इस आक्रामक शुरुआत ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने में मदद की। कप्तान अय्यर ने दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। उनके बीच हुई साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
लगातार विकेट गिरने के बाद भी भारत ने की वापसी
भारतीय टीम एक समय दो विकेट पर 117 रन बना चुकी थी, लेकिन इसके बाद महज 12 गेंदों के भीतर तीन विकेट गिर गए। लगातार झटकों से टीम की रन गति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था।
ऐसे समय में तिलक वर्मा ने 28 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 21 रन बनाकर पारी को संभालने में योगदान दिया। इन उपयोगी पारियों की मदद से भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
मैच के बाद अय्यर ने कहा कि बीच के ओवरों में विकेट गंवाने के बावजूद टीम ने विपक्षी खिलाड़ियों को मुकाबले पर हावी होने का मौका नहीं दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने मुश्किल दौर से निकलकर स्कोर को 223 रन तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज को कभी हल्के में नहीं ले सकते: अय्यर
कप्तान ने वेस्टइंडीज की टीम को भी मजबूत प्रतिद्वंद्वी बताया। उनके मुताबिक, कैरेबियाई टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो अकेले अपने प्रदर्शन से मैच का रुख बदल सकते हैं।
भारत के लिए मुकाबला आसान नहीं रहा। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने कई मौकों पर तेजी से रन बनाए और भारतीय टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने अहम समय पर विकेट निकालकर विपक्षी टीम की उम्मीदों को झटका दिया।
ओस के बीच गेंदबाजों ने संभाला मोर्चा
अय्यर ने गेंदबाजों की भी जमकर तारीफ की। मुकाबले के दौरान ओस के कारण गेंद गीली हो रही थी, जिससे गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने योजनाबद्ध तरीके से गेंदबाजी की और जरूरी मौकों पर विकेट हासिल किए।
कप्तान के अनुसार, गेंदबाजों को अपनी भूमिका और रणनीति पर भरोसा था। उन्होंने परिस्थितियों के मुताबिक गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज को लक्ष्य से दूर रखने में योगदान दिया।
पावरप्ले के बाद भारत ने बनाई पकड़
लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने शुरुआती झटके के बाद पावरप्ले में तेज बल्लेबाजी कर वापसी की। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के लिए रन गति पर अंकुश लगाना जरूरी था।
मध्य ओवरों में भारत को राहत मिली, जब 8वें से 10वें ओवर के बीच वेस्टइंडीज की टीम केवल 17 रन बना सकी। इस दौरान रन बनाने की रफ्तार धीमी हुई और बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा।
इसके बाद कैरेबियाई टीम ने रन गति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होता गया। आखिरकार वेस्टइंडीज निर्धारित लक्ष्य से 14 रन पीछे रह गई।
सीरीज में भारत को मिली बढ़त
तीसरे टी20 में जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। मुकाबले में बल्लेबाजों के बड़े योगदान के साथ गेंदबाजों ने भी दबाव की परिस्थितियों में अहम भूमिका निभाई।
कप्तान श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया से साफ रहा कि टीम के लिए यह जीत सामूहिक प्रदर्शन का नतीजा थी। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तेज साझेदारी ने मजबूत स्कोर की नींव रखी, जबकि मध्यक्रम ने लगातार विकेट गिरने के बाद पारी को संभाला। गेंदबाजों ने अंत तक मुकाबले में भारत की बढ़त बनाए रखी और टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।
written by Siddhi Srivastava



