
Sonbhadra: आय कर विभाग द्वारा ओबरा,डाला और चोपन के खनन व्यवसायियों के कार्यालय व आवास पर 24 घण्टे से जारी है ,जिससे खनन व्यवसाय से जुड़े लोगो मे अभी भी भय की स्थिति बनी हुई है। बुधवार की सुबह खनन व्यवसायियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब आयकर विभाग की दर्जनों टीमों ने एक साथ आधा दर्जन से अधिक खनन कारोबारियों के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी की। कार्रवाई सुबह तड़के शुरू हुई, जिससे पूरे खनन क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। होली पर्व से ठीक पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई से कारोबारियों और संबंधित लोगों में सियापा छा गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की टीमें स्थानीय पुलिस बल के साथ पहुंचीं और संबंधित कारोबारियों के आवास, दफ्तर तथा अन्य प्रतिष्ठानों को घेर लिया। इसके बाद टीमों ने अंदर प्रवेश कर जरूरी दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और बैंक खातों से संबंधित कागजातों की गहन जांच शुरू कर दी। कई स्थानों पर कर्मचारियों और परिजनों से पूछताछ भी की गई।
आय कर टीम की गिद्ध दृष्टि :- आय कर विभाग की छापेमारी से बचने और टीम को चकमा देने के लिए खनन व्यवसायी देवेंद्र केशरी ने घर मे ताला बंद कर फरार हो गया। वही रात को घर अन्दर मौजूद परिवार के लोगो ने एक भरा बैग घर के पीछे फेका जिसे उठाने गए खनन व्यवसायी के मुंशी को गिद्ध निगाह टिकाए आय कर विभाग की टीम ने पकड़ लिया। आय कर टीम पकड़े गए मुंशी से अभी पूछताछ कर रही है ,जिससे उम्मीद जतायी जा रही है कि कुछ बड़ा मामला टीम को हाथ लगा है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई खनन कारोबार में आय और व्यय के बीच कथित असमानता, टैक्स चोरी और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की गई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच कई महीनों से चल रही थी और पुख्ता इनपुट मिलने के बाद एक साथ छापेमारी की रणनीति बनाई गई। खनन क्षेत्र के व्यापारिक गतिविधियों पर इसका सीधा असर देखा गया। कई खनन साइटों पर कामकाज धीमा पड़ गया, वहीं परिवहन और लोडिंग गतिविधियों में भी कमी आई।
टीम में शामिल :- इस दौरान छापेमारी करने वाली टीम ने राय बरेली, उत्तराखंड, लखनऊ आदि जिलों के नंबरों वाली एक जैसी लगभग डेढ़ दर्जन गाड़ियों पर विवाह का पोस्टर लगाकर अचानक खनन व्यवसायियों के घर पहुंच गए।
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मीडिया से दूरी :- जानकारी मिलने के बाद जैसे ही मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे लेकिन पूरी टीम मीडिया से दूरी बनाते रहे। छापेमारी टीम में कुछ महिलाएं भी शामिल रही। यहां तक कि गाड़ी के चालक भी कुछ बताने से कतराते रहे। इस दौरान मीडिया कर्मियों को फोटो खींचने से मना किया गया। छापेमारी टीम के साथ चल रही पुलिस बल किसी भी व्यक्ति को आस पास भटकने नहीं दे रही थी। इसके अलावा जो घर में अंदर था उसे बाहर नहीं आने दिया गया। वहीजो बाहर था तो उसे अंदर नहीं जाने दे रहे थे।
इन व्यवसायियों के यहां पड़ा छापेमारी :- ओबरा के खनन व्यवसायियों में प्रमुख रूप से क्रेशर ऑनर्स के अध्यक्ष अजय सिंह, चंद्र भूषण गुप्ता, अधिवक्ता एसके चौबे खनन ब्यवसायी, देवेंद्र केशरी, बसपा विधायक उमा शंकर सिंह की छात्रशक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय , ईशाना कन्ट्रक्शन आदि लोगो के आवास पर एक साथ एक ही समय पर पहुंचकर छापेमारी कर घर के अंदर प्रवेश कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया।
वही पूरी जांच टीम के लिए नगर के एक प्रतिष्ठित होटल से दोपहर का भोजन भी टीम ने स्वयं से मगाया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि टीम लंबे समय तक जांच करेगी। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी रहा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। कारोबारी वर्ग में चर्चा का बाजार गर्म है और लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
आयकर विभाग की टीमें अभी तक दस्तावेजों की जांच और सीलिंग की कार्रवाई में जुटी रहीं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है।
फिलहाल ओबरा , डाला व चोपन खनन क्षेत्र में होली की तैयारियों के बीच छापेमारी की इस कार्रवाई ने माहौल को गरमा दिया है और पूरे जनपद में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
रिपोर्ट : रवि पाण्डेय
सोनभद्र



