
Giriraj Singh: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी अब यह मान चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते हुए उनके लिए सत्ता तक पहुंचना संभव नहीं है। गिरिराज सिंह ने यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और विपक्षी दलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के संदर्भ में की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर विपक्ष पर सवाल
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि याचिका में भी कई खामियां हैं और विपक्ष अब तक अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया है।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, विपक्षी गठबंधन में राहुल गांधी का विरोध करने का साहस किसी नेता में नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी ने उनसे 150 सीटों की मांग की है और उन्हें ये सीटें देनी पड़ेंगी।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं को भी राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जल्दबाजी में अपनी रणनीति आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन उसके सामने कई सवाल खड़े हो गए। हालांकि, याचिका में कथित खामियों और सबूतों को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
SIR विवाद और बिहार का भी किया जिक्र
गिरिराज सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में SIR के खिलाफ करीब दो महीने तक विरोध-प्रदर्शन किए गए, लेकिन विपक्ष अपने आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अब समझ चुके हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रहते हुए वह सत्ता हासिल नहीं कर सकते। गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पार्टी कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और उसे लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है।
केंद्रीय मंत्री ने हालिया उपचुनावों और त्रिपुरा में ग्राम विकास से जुड़े चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष पर विदेशी टूलकिट के इशारे पर काम करने और देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। ये आरोप गिरिराज सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
संविधान को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
गिरिराज सिंह ने संविधान के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष संविधान की बात तो करता है, लेकिन उसके आचरण में संवैधानिक मर्यादाओं का पालन नहीं दिखाई देता। इसके विपरीत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार संविधान की मर्यादा बनाए रख रही है।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर केंद्र में कोई दूसरी सरकार होती, तो विपक्ष के नेताओं के साथ अलग तरह का व्यवहार किया जा सकता था। गिरिराज सिंह ने अपने बयान में विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों और विरोध के तरीकों पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी के दावों पर गिरिराज सिंह का तंज
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी कटाक्ष किया, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने करीब 200 सरकारी अधिकारियों के संपर्क में होने की बात कही थी। गिरिराज सिंह ने इसे हवा-हवाई दावा बताते हुए कहा कि राहुल गांधी बड़े-बड़े सपने देखते हैं।
उन्होंने विपक्षी रैली में 300 सांसदों के शामिल होने के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी अपेक्षित संख्या में नहीं आए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने कांग्रेस नेता के नेतृत्व और विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठाने की कोशिश की।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा टकराव
मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद, SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार चर्चा में है। राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि भाजपा नेता इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर हमला बोल रहे हैं।
गिरिराज सिंह का ताजा बयान इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है। उन्होंने राहुल गांधी की चुनावी रणनीति, विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व और संवैधानिक मुद्दों पर कांग्रेस के रुख को निशाने पर लिया। अब इस बयान पर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।



