Farmers protest -एक बार फिर मोदी सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में पूरे भारत के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिल्ली सरकार को घेरने के लिये कूच कर रही हैमोदी सरकार की वादाखिलाफी के चलते किसानों में आक्रोश: अब्बास ज़ैदी

Farmers protest -एक बार फिर मोदी सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में पूरे भारत के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिल्ली सरकार को घेरने के लिये कूच कर रही है।भाकियू श्रामिक जनशक्ति किसानों नेताओ को पुलिस ने किया होम अरेस्ट, सौपा ज्ञापन

Farmers protest -एक बार फिर मोदी सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में पूरे भारत के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिल्ली सरकार को घेरने के लिये कूच कर रही है। एक बार फिर मोदी सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में पूरे भारत के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिल्ली सरकार को घेरने के लिये कूच कर रही है। वही जनपद में बीती रात भारतीय किसान यूनियन’ श्रामिक जनशक्ति’ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अब्बास जैदी अपने समर्थकों के साथ दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे थे, की तभी प्रशासन को जानकारी हुई तो हाथ पेर फूलने लगे और आनन फानन पुलिस के कई आलाधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष अब्बास ज़ैदी के आवास पहुँच गये और उनको होम अरेस्ट कर लिया। पुलिस प्रशासन के निवेदन पर श्री ज़ैदी ने केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ 10 सूत्रीय माँग पत्र राष्ट्रपति व केन्द्र सरकार के नाम सौपा। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन’ श्रामिक जनशक्ति’ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अब्बास जैदी ने बताया कि पूर्व में जब से संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर दिल्ली बॉर्डर से अपने मोर्चा उठाने का ऐलान किया उसके पास से केंद्र सरकार अपने वादों से मुकर ही नहीं गई है बल्कि किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम भी कर रही है इसलिए पूरे देश मे हर ज़िला स्तर पर 16 फरवरी 2022 को प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। श्री ज़ैदी ने कहा कि किसने की सबसे अहम मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के लिए कानून बने। जो जल्दी ही लागू किया जाये, दिल्ली आंदोलन के दौरान जान कमाने वाले किसानों के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, किसानों और 58 साल से अधिक आयु के खेतिहर मजदूरों के लिए प्रतिमा पेंशन दी जाए। इसके अलावा लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ित किसानों को  जल्द से जल्द न्याय मिले और एसकेएम शंभू बॉर्डर पर हो रहे किसानों पर दमन की कड़ी निंदा करता है।
एसकेएम ने किसान संगठनों के दिल्ली चलो मार्च को रोकने के लिए राज्य शक्ति के अति प्रयोग और लाठीचार्ज, रबर बुलेट, आंसू गैस के गोले और सामूहिक गिरफ्तारी का सहारा लेने के लिए मोदी सरकार का कड़ा विरोध और निंदा किया। यह आश्चर्य की बात है कि प्रशासन द्वारा किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोले गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। किसानों पर हमला करने के लिए पुलिस और सशस्त्र सुरक्षा बलों को तैनात करने से पता चलता है कि मोदी सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रत्येक वर्ग के लोगों के ज्वलंत मुद्दों को हल करे और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए ठोस मांगों का समाधान करे। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र पाठक, मंडल अध्यक्ष तुंगनाथ सिंह, मंडल उपाध्यक्ष अशोक कश्यप, जिला महामंत्री देवी शरण तिवारी, जिला संगठन मंत्री शिवाकांत शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष मनोज, जिला महासचिव अनुराग कश्यप, विश्राम भारती पूर्व प्रधान आदि लोग उपस्थित रहे।
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