पुरानी योजना लागू होने से 10 कर्मियों का अंशदान जमा होगा पेंशन ट्रस्ट में

विद्युत कंपनी में पुरानी पेंशन योजना लागू होने से 10 हजार कर्मियों के अंशदान की 10 प्रतिशत राशि भविष्य निधि खाते में और कंपनी की अंशदान राशि पेंशन ट्रस्ट में जमा होगी। वर्तमान में कर्मियों के अंशदान कटौती में साढ़े सात करोड़ तथा नियोक्ता कंपनी द्वारा 14 प्रतिशत की दर से साढ़े पांच करोड़ पीएफआरडीए में जमा किया जा रहा है। नए कर्मियों के अंशदान की राशि जमा होने से पेंशन ट्रस्ट भी मजबूत होगा।


छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के 10 हजार कर्मियों के लिए वर्ष 2004 से नई पेंशन की जगह पुरानी पेंशन की घोषणा होने से कर्मचारियों को लंबे संघर्ष बाद सफलता मिली है। पुरानी पेंशन के निर्णय के लिए शासन व कंपनी स्तर पर लगातार प्रयासरत छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन एक के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र शुक्ला एवं महामंत्री आरसी चेट्टी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ऊर्जा मंत्री व राजस्व मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। चेट्टी ने बताया कि पुरानी पेंशन के लागू होने से नए भर्ती हुए अधिकारी. कर्मचारी परिवारों को पुरानी पेंशन के रूप में सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। इस निर्णय से कर्मियों को उनके सेवानिवृत्ति पर पेंशन के रूप में सम्मानजनक राशि प्राप्त होगी। पूर्ववर्ती राज्य मध्य प्रदेश विद्युत मंडल में सभी कर्मचारियों के लिए पेंशन की शुरुआत, मान्यता प्राप्त संगठन फेडरेशन एक द्वारा वर्ष 1987 में की गई थी, उस दौरान 45 हजार कर्मी पेंशन के लिए पात्र थे। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल गठन पश्चात फेडरेशन एक के प्रयास से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल भविष्य निधि तथा पेंशन ग्रेच्युटी ट्रस्ट का गठन किया गया, वर्तमान में इसी ट्रस्ट से पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने संगठन की ओर कंपनी प्रबंधन को पेंशन संबंधी आदेश व नियम शीघ्र जारी करने कहा है।


विद्युत कंपनी में वर्ष 2001 में गठित पेंशन ट्रस्ट में मंडल. कंपनी ने प्रारंभ में 140 करोड रुपये जमा किया था। उसके पश्चात कंपनी द्वारा ट्रस्ट में समय-समय पर दिए गए कोष से वर्तमान में पेंशन ट्रस्ट में 4,200 करोड़ रुपये जमा है। महासचिव चेट्टी ने बताया कि वर्तमान पेंशन ट्रस्ट से लगभग 15,500 पेंशनरों को प्रतिमाह 103 करोड रुपए पेंशन के रूप में भुगतान किया जा रहा है। पेंशन मद के भुगतान की राशि तीनों ही कंपनी द्वारा नियामक आयोग के आदेश अनुसार 1200 करोड रुपये प्रतिवर्ष पेंशन ट्रस्ट में जमा की जा रही है।
छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल अभियंता संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि पिछले दिनों पावर इंजीनियर्स कांक्लेव में संघ की ओर से तीन मांग रखी गई थी, इसमें दो मांग पर मुख्यमंत्री ने घोषणा कर दी थी। इसमें प्रमुख रूप से विद्युत कंपनी में कैशलेस चिकित्सा सुविधा व अभियंताओं के लिए तीन प्रतिशत तकनीकी भत्ता की मांग थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कैशलेस चिकित्सा व तकनीकी भत्ता से अभियंता लाभांवित हो रहे हैं। वहीं पुरानी पेंशन योजना लागू होने से युवा अभियंताओं की बहुप्रतीक्षित ओपीएस की मांग भी पूरी हो गई। पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उर्जा मंत्री टीएस सिंहदेव, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल व विद्युत कंपनी के अध्यक्ष अंकित आनंद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभियंताओं ने कर्मठता के साथ कार्य करने व प्रदेश में सस्ती व सुलभ विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित होए इसके लिए संकल्प लिया है।

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