
CJP Viral Video: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर लंबे समय तक चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक नए विवाद में घिर गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर CJP नेताओं के कथित जश्न के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और संगठन के रवैये पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर CJP के प्रमुख चेहरे सौरभ दास और आशुतोष रांका दिल्ली के एक लग्जरी होटल में बॉलीवुड गानों पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ अन्य वीडियो में संगठन से जुड़े अभिजीत दीपके भी नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह जश्न धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन समाप्त होने के बाद आयोजित किया गया।
एक वीडियो में अभिजीत दीपके के हाथ में कैनुला भी दिखाई देता है। इससे पहले उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से बताया था कि वे टाइफाइड से पीड़ित रहे हैं। इसी कारण यह वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जिस आंदोलन को छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की लड़ाई बताया जा रहा था, उसके समाप्त होते ही कथित तौर पर पांच सितारा होटल में जश्न मनाना क्या उचित संदेश देता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान आम छात्र धूप, गर्मी और पुलिस कार्रवाई का सामना करते रहे, जबकि नेतृत्व पर अब आलीशान पार्टी करने के आरोप लग रहे हैं।
वहीं, कुछ यूजर्स ने उन परिवारों का भी जिक्र किया जो कथित पेपर लीक विवाद से प्रभावित हुए। उनका कहना है कि ऐसे समय में जश्न की तस्वीरें संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती हैं।
Jantar-Mantar: जंतर-मंतर से खत्म हुआ CJP का आंदोलन, खाली हुआ धरनास्थल; हटाए गए टेंट-लाउडस्पीकर
हालांकि, इन वायरल वीडियो को लेकर CJP की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किए गए और उनका उद्देश्य क्या था। सोशल मीडिया पर वायरल दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक छात्रों का आंदोलन चला। आंदोलन के दौरान विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया। बाद में सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
अब आंदोलन समाप्त होने के बाद सामने आए इन वायरल वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को लेकर नई राजनीतिक और सामाजिक बहस छेड़ दी है। एक ओर आलोचक इसे आंदोलन की नैतिकता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि केवल वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।



