
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने नंदीग्राम और रेजिनगर सीट के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही दोनों सीटों पर चुनावी मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है।
नंदीग्राम से हासिरानी रथ को मिला मौका
बीजेपी ने नंदीग्राम सीट से हासिरानी रथ को चुनाव मैदान में उतारा है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो कभी वरिष्ठ बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे थे। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इस सीट पर उनका नाम मतदाताओं के बीच प्रभाव डाल सकता है।
रेजिनगर में शाखारव सरकार पर भरोसा
रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए बीजेपी ने शाखारव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी का लक्ष्य इस सीट पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना और उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना है।
क्यों अहम हैं ये उपचुनाव?
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद से राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म है और सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।
अन्य दलों ने भी झोंकी ताकत
सत्तारूढ़ टीएमसी, कांग्रेस, वाम दलों और अन्य क्षेत्रीय संगठनों ने भी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसे में मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है।
नंदीग्राम सीट पर टीएमसी ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि अन्य दलों ने भी अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। वहीं रेजिनगर में भी कई राजनीतिक दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।
नंदीग्राम पर रहेगी सबकी नजर
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में गिनी जाती है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रही थी। यही वजह है कि आगामी उपचुनाव को राजनीतिक दल प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों सीटों के नतीजे राज्य की आगामी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
written by Siddhi Srivastava



