
UP Politics: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में रामलला के दर्शन से पहले पुलिस द्वारा होटल में नजरबंद किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बताया जा रहा है कि अजय राय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
बाद में देर रात पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राम मंदिर दर्शन से पहले हुई पुलिस कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, अजय राय अयोध्या के कनीगंज स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। मंगलवार को प्रस्तावित रामलला दर्शन से पहले ही पुलिस ने उन्हें होटल में नजरबंद कर दिया। देर रात करीब 11:40 बजे पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर गई। बताया गया कि रातभर उन्हें आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में रखा गया।
अजय राय ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस कार्रवाई के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो और पोस्ट साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल केवल प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन के लिए अयोध्या आया था, लेकिन सरकार ने उन्हें रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। अजय राय ने कहा कि “हम न रुकेंगे, न झुकेंगे।”
कांग्रेस ने पूछा- क्या रामलला के दर्शन करना भी अपराध है?
प्रदेश कांग्रेस ने भी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं।
पार्टी ने सरकार से नजरबंद किए गए नेताओं को तत्काल रिहा करने और बिना किसी बाधा के राम मंदिर में दर्शन की अनुमति देने की मांग की।
रीना राय का बड़ा बयान
अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
रीना राय ने कहा कि “मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अगर मेरे पति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।”
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन था?
रामलला दर्शन के लिए प्रस्तावित कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल होने वाले थे। इनमें किशोरी लाल शर्मा, राकेश राठौर, उज्ज्वल रमन सिंह, तनुज पुनिया सहित कई अन्य नेताओं के नाम सामने आए थे।
फिलहाल क्या है स्थिति?
मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है। पुलिस की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
Written By: Ekta Verma



