Abhijeet Dipke: CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को टाइफाइड, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आज सरकार के जवाब का इंतजार

Abhijeet Dipke: जीत दीपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी।

अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के बावजूद आंदोलन जारी है। जंतर-मंतर पर शनिवार सुबह भी बड़ी संख्या में समर्थक जुटे।

जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ा दी। सुरक्षा एजेंसियां आंदोलन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त दिखाई दी।

आज हो सकती है सरकार-CJP की तीसरी बैठक

CJP और केंद्र सरकार के बीच शनिवार दोपहर तीसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है। इस बैठक को आंदोलन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

संगठन को उम्मीद है कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा CJP

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण मांग है।

उन्होंने कहा कि यदि मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ आगे की बातचीत का कोई खास मतलब नहीं रहेगा।

संगठन लगातार NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

मुआवजा और केस वापसी पर क्या है स्थिति?

CJP का दावा है कि पिछली बैठक में सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए थे।

संगठन के अनुसार छात्र आत्महत्या के मामलों में प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के मुद्दे पर सहमति बनने की संभावना है।

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने शुरू किया काम

इस बीच NEET पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई दिल्ली की विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने कामकाज शुरू कर दिया है।

विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने शनिवार को कार्यभार संभाला। अब परीक्षा घोटालों और पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

आंदोलन पर टिकी हैं नजरें

20 जुलाई के संसद मार्च और उसके बाद हुए घटनाक्रम के बाद CJP आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

अब सभी की नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। खासकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आने वाला फैसला आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।

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