
Punjab Politics: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया है। इस फैसले के बाद पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को आम आदमी पार्टी ने साल 2025 में ही पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब विधायक पद छोड़ने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने अमृतसर के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने पंजाब की राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य को छोटी-मोटी राजनीति और केवल उद्घाटन तक सीमित रहने वाली सोच से बाहर निकालने की जरूरत है।
‘विधायक रहते हुए 90 फीसदी लक्ष्य पूरे किए’
अपने इस्तीफे को लेकर जारी संदेश में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने दावा किया कि विधायक के तौर पर उन्होंने अपने 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि एक विधायक के रूप में जिन जिम्मेदारियों और कार्यों को पूरा करना चाहिए था, उन्हें उन्होंने प्राथमिकता के साथ निभाया।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कामों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि उन्होंने अपने कामों का क्षेत्रवार विवरण तैयार किया है, जो समाचार पत्रों और उनके फेसबुक पेज पर उपलब्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्षद, मेयर और सांसद के कार्यक्षेत्र अलग-अलग होते हैं और विधायक की जिम्मेदारियों को उन्हीं के दायरे में समझा जाना चाहिए।
‘मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि माई-बाप कल्चर खत्म करना’
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे के संदेश में राजनीति की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने राजनीति में ‘माई-बाप कल्चर’ को खत्म करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, इस संस्कृति में जनता पर हुक्म चलाने की प्रवृत्ति रहती है, जबकि उन्होंने जनता को अपनी प्रेरणा मानकर काम किया।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, न कि केवल सत्ता और पद का इस्तेमाल करना। उनके इस बयान को पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा में उठाए अमृतसर के कई मुद्दे
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने संदेश में विधानसभा के भीतर उठाए गए मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमृतसर में पानी और सीवेज की समस्याओं से लेकर सर्किट हाउस, कंपनी बाग, गंदे नालों और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से जुड़े विषयों को उन्होंने सदन में उठाया।
इसके अलावा सरकारी मेडिकल कॉलेज, स्वरूप रानी कॉलेज और बरगाड़ी बेअदबी मामले जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही। उनका दावा है कि पंजाब विधानसभा में पहली बार किसी विधायक ने विशेष इलाकों और मोहल्लों का नाम लेकर वहां की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
पंजाब में नशे, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी पर जताई चिंता
अपने इस्तीफे के संदेश में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य को नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के जाल से बाहर निकालने की जरूरत है। उन्होंने पंजाब को फिर से प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने की बात कही।
उन्होंने साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन को अपना लक्ष्य बताते हुए कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य ‘पंजाब सबसे पहले’ है और इसके अलावा उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है।
फिलहाल कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा चुनाव से पहले उनके इस फैसले को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस्तीफे के बाद वह आगे क्या राजनीतिक रास्ता अपनाएंगे, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।



