
Ramlila Maidan Rally: कांग्रेस और INDIA गठबंधन की हालिया राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मॉक पार्लियामेंट और रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी रैली के दौरान प्रियंका गांधी को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
संबित पात्रा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि दोनों कार्यक्रमों में कई नेताओं और अन्य लोगों को बोलने का अवसर मिला, लेकिन प्रियंका गांधी को संबोधित करने का मौका नहीं दिया गया। बीजेपी प्रवक्ता ने इसे कांग्रेस के भीतर संभावित असंतोष से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। हालांकि, राहुल और प्रियंका के बीच मतभेद होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया’
संबित पात्रा ने अपने वीडियो संदेश में शनिवार को आयोजित मॉक पार्लियामेंट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया।
बीजेपी प्रवक्ता ने रविवार को रामलीला मैदान में हुई INDIA गठबंधन की रैली का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, रैली में विभिन्न नेताओं ने अपने विचार रखे और अलग-अलग मुद्दों पर बात की, लेकिन प्रियंका गांधी को यहां भी संबोधित करने का मौका नहीं मिला।
पात्रा ने दावा किया कि प्रियंका गांधी दोनों कार्यक्रमों में नाखुश दिखाई दीं। उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। ये टिप्पणियां बीजेपी प्रवक्ता के राजनीतिक आरोप हैं; प्रियंका गांधी की नाराजगी या दोनों नेताओं के बीच मतभेद की पुष्टि इनसे अपने आप नहीं होती।
गांधी परिवार में ‘वोट चोरी’ होने की कही बात
संबित पात्रा ने अपने बयान में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का इस्तेमाल करते हुए गांधी परिवार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का भी ‘वोट चोरी हो गया है’। यह टिप्पणी उन्होंने उन्हें कार्यक्रमों में बोलने का अवसर नहीं मिलने के अपने दावे के संदर्भ में की।
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आशंका है कि यदि प्रियंका गांधी को अधिक राजनीतिक प्रमुखता मिली, तो उनकी अपनी भूमिका प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इस आशंका के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं रखा गया। इसलिए इसे पात्रा के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
INDIA गठबंधन ने मॉक पार्लियामेंट में उठाया था चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा
INDIA गठबंधन ने शनिवार, 1 नवंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक जन महाभियोग की कार्यवाही आयोजित की थी। विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
गठबंधन का आरोप था कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है और इससे मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए।
ये आरोप विपक्षी गठबंधन की ओर से लगाए गए थे। इन्हें निर्वाचन आयोग के खिलाफ किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रामलीला मैदान की रैली में SIR और कथित वोट चोरी का मुद्दा
मॉक पार्लियामेंट के अगले दिन, रविवार को INDIA गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की। इसमें विपक्षी दलों ने कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दे उठाए।
रैली का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखना था। इसी कार्यक्रम को लेकर संबित पात्रा ने प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिए जाने का दावा किया और कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए।
राजनीतिक आरोपों के बीच कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर नजर
संबित पात्रा के बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व और गांधी परिवार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की ओर से इस विशेष आरोप पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
प्रियंका गांधी को दोनों कार्यक्रमों में बोलने का अवसर क्यों नहीं मिला, इस बारे में आयोजकों की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने आने पर ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, बीजेपी ने इस मुद्दे को कांग्रेस के भीतर कथित मतभेद से जोड़कर उठाया है, जबकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
written by Siddhi Srivastava



