
New Delhi News-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए मतपत्रों से हुए चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया। प्रधानमंत्री ने पूछा कि जब चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर बैलेट पेपर से मतदान हुआ, तो कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं।
पीएम मोदी की इस टिप्पणी को कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है। इन चुनावों में भाजपा, उसके सहयोगी दलों और विपक्षी पार्टियों के बीच कई सीटों पर मुकाबला हुआ।
उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हुए। उपलब्ध शुरुआती नतीजों के अनुसार, पांच सीटों के परिणाम घोषित होने तक भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली थी।
भाजपा ने मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेली शिक्षक और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। वहीं, समाजवादी पार्टी को एक सीट पर सफलता मिली। अन्य सीटों पर मतगणना और परिणामों की प्रक्रिया जारी थी।
इन चुनावों में भाजपा और सपा के बीच कई निर्वाचन क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में कोई सीट नहीं मिली।
बिहार में भी कांग्रेस को नहीं मिली सफलता
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में भी कांग्रेस को झटका लगा। पांच सीटों के घोषित परिणामों में भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), जन सुराज पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट हासिल की।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के उम्मीदवार ने भाजपा के वरिष्ठ एमएलसी नवल किशोर यादव को हराया। वहीं, तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस नेता और बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा को शिकस्त दी। पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने राजद के दिलीप राय को हराया। इन नतीजों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली।
कर्नाटक में एनडीए का दबदबा
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने जीत दर्ज की। गठबंधन में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के उम्मीदवार शामिल थे।
बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए के एपी रंगनाथ ने मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हराया। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी एनडीए के उम्मीदवार ने कांग्रेस प्रत्याशी को शिकस्त दी। इन परिणामों से राज्य में कांग्रेस को चुनावी नुकसान हुआ।
महाराष्ट्र में कई दलों के बीच मुकाबला
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव हुए। इनमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। चुनाव में महायुति और महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला रहा।
शुरुआती रुझानों में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार विभिन्न सीटों पर आगे बताए गए। उस समय सभी सीटों के अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुए थे।
चुनावी नतीजों पर सियासी बहस तेज
चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
बैलेट पेपर से मतदान होने का उल्लेख करके पीएम मोदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर तंज कसा। हालांकि, चारों राज्यों की सभी सीटों के अंतिम नतीजों के आधार पर कांग्रेस की कुल सीटों का सटीक आंकड़ा अलग से स्पष्ट करना जरूरी है।
विधान परिषद चुनावों के ये परिणाम राज्य स्तर पर राजनीतिक दलों की स्थिति और उनके संगठनात्मक प्रदर्शन को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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