
UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भारतीय मुस्लिम मंच ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और पार्टी प्रमुख मायावती के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मुमताज आलम रिजवी ने अलीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान मुस्लिम समाज के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने इन कार्यों की 100 बिंदुओं वाली सूची मीडिया को सौंपी और 2027 में बसपा सरकार बनाने के लिए काम करने का संकल्प जताया।
भाजपा और सपा पर साधा निशाना
डॉ. मुमताज आलम रिजवी ने भाजपा और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता दोनों दलों के शासन को देख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से भाजपा सरकार के कार्यकाल में बुलडोजर कार्रवाई, कथित फर्जी मुठभेड़ों और दलितों व मुसलमानों के उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी प्रदेश सरकार की आलोचना की।
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए रिजवी ने कहा कि अखिलेश यादव के शासनकाल में मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान मुस्लिम परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा मुस्लिम समाज का अपेक्षित भरोसा जीतने और भाजपा को चुनाव में पराजित करने में सफल नहीं रही।
मायावती सरकार के 100 कामों का किया जिक्र
भारतीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक ने 2007 से 2012 के बीच मायावती के नेतृत्व वाली बसपा सरकार के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहतर बताया। उनके मुताबिक, उस दौरान अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा प्रशासन को प्रभावी ढंग से चलाया गया।
उन्होंने दावा किया कि मायावती सरकार में मुस्लिम समाज के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गईं। इनमें मुस्लिम मंत्रियों को अहम विभाग देना, मुस्लिम बहुल इलाकों में प्राथमिक विद्यालय खोलना, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, माइनॉरिटी फाइनेंस कॉरपोरेशन और हज हाउस से जुड़ी पहल शामिल हैं।
रिजवी ने मदरसों को अनुदान, मुस्लिम छात्राओं को छात्रवृत्ति और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी संस्थागत व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंच ने इन पहलों समेत 100 कार्यों की सूची तैयार की है। ये दावे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच की ओर से प्रस्तुत किए गए।
2027 में बसपा सरकार बनाने का दावा
डॉ. रिजवी ने कहा कि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी का समर्थन किया, लेकिन सपा भाजपा को सत्ता से बाहर नहीं कर सकी। उनके अनुसार, अब मुस्लिम समाज को उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर नए सिरे से विचार करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज बसपा के पक्ष में लामबंद होगा। भारतीय मुस्लिम मंच ने मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए तन-मन-धन से काम करने का संकल्प भी जताया।
हालांकि, 2027 के चुनाव में बसपा को मुस्लिम मतदाताओं का कितना समर्थन मिलेगा और इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।



