UP MLC Elections: ‘आज चुनाव आयोग की छुट्टी है क्या?’, वोटिंग के बीच अखिलेश यादव काEC पर गंभीर आरोप

UP MLC Elections: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर जारी मतदान के बीच सपा प्रमुख ने भाजपा पर लगाए बूथ लूटने के आरोप; चुनाव आयोग से उम्मीद न होने की कही बात

UP MLC Elections: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए हो रहे मतदान के दौरान सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मतदान के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राज्य प्रशासन पर तीखे और गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा तंज कसा है।

अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर तीखा हमला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “लगता है चुनाव आयोग को नींद की गोली खिलाकर, एमएलसी चुनाव के मतदान केंद्र पर, ये भाजपाई और उनके संगी-साथी फतेहपुर में बूथ लूटने आए हैं। आज चुनाव आयोग का अवकाश का दिन है क्या?”

सपा प्रमुख ने आगे तल्ख लहजे में यह भी कहा कि अब उन्हें चुनाव आयोग से कोई उम्मीद नहीं बची है, क्योंकि अपील उसी से की जाती है जिससे कोई उम्मीद हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि पार्टी प्रदेशभर में गड़बड़ी और धांधली के वीडियो रिकॉर्ड कर रही है और इसके आधार पर चुनाव व्यवस्था में हेरफेर करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों—चाहे वे चुनाव आयोग के हों या उत्तर प्रदेश प्रशासन के—उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

दोपहर 12 बजे तक का मतदान प्रतिशत (Voter Turnout) विवादों और आरोपों के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में मतदान प्रक्रिया जारी है। दोपहर 12 बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह स्नातक सीटों की तुलना में अधिक देखा गया:

  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Graduation Constituencies):

    • मेरठ: 18.12% (सबसे अधिक)

    • आगरा: 18.05%

    • लखनऊ: 15.73%

    • वाराणसी: 15.08%

    • इलाहाबाद-झांसी: 13.35%

  • शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Teacher Constituencies):

    • बरेली-मुरादाबाद खंड: 38.16% (सबसे अधिक)

    • गोरखपुर-फैजाबाद: 36.07%

    • वाराणसी: 34.71%

    • मेरठ: 32.44%

    • आगरा: 26.70%

    • लखनऊ: 16.61%

समाजवादी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी गोरखपुर, झांसी और आगरा समेत कई अन्य जिलों में निष्पक्ष चुनाव न होने के दावे किए जा रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल काफी गर्म हो गया है।

written by Siddhi Srivastava

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