
Sonbhadra News-स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को अब नई पहचान देने की तैयारी है। सोनभद्र के स्थानीय, पारंपरिक और प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग ‘सोन अर्थ’ नाम से की जाएगी। इसके लिए जल्द ही ब्रांड का नया लोगो लॉन्च किया जाएगा। आकर्षक पैकेजिंग, मार्केटिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की योजना है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। इसी क्रम में ‘सोन अर्थ’ लग्जरी गिफ्ट हैंपर भी जल्द लॉन्च किया जाएगा, जिसमें महिलाओं द्वारा तैयार 11 उत्कृष्ट स्थानीय उत्पाद शामिल होंगे।
श्रीअन्न से बने ठेकुआ का स्वाद जनपद में ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो का भारी उत्पादन होता है। 2000 से अधिक महिलाएं श्रीअन्न की खेती से जुड़ी हैं, जबकि 500 से अधिक महिलाएं रागी, कोदो, ज्वार, बाजरा से स्वादिष्ट ठेकुआ और कुकीज तैयार कर रही हैं। गिफ्ट हैंपर में रागी, कोदो, ज्वार और मिश्रित गेहूं से बने चार प्रकार के ठेकुआ शामिल होंगे।
जंगली शहद और हर्बल उत्पाद: 1000 से अधिक महिलाएं शहद उत्पादन से जुड़ी हैं। हैंपर में जंगलों से संग्रहित जंगली शहद और हर्बल शहद शामिल होगा। साथ ही मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से बनी शिवद्वार अगरबत्ती और बकरी के दूध, हल्दी-चंदन, नीम, एलोवेरा, तुलसी, कॉफी से बने चार प्रकार के हर्बल साबुन भी होंगे। 200 से अधिक महिलाएं मंदिर के फूलों से अगरबत्ती और 1000 से अधिक महिलाएं साबुन निर्माण से जुड़ी हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग के लिए होर्डिंग, हैंडबिल, पैम्फलेट और वीडियो प्रोमो का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय हुनर को बाजार मिलेगा और महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
रिपोर्ट -अमित मिश्रा, सोनभद्र



