
Lucknow News-डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के निदेशक प्रो. सी.एम. सिंह को एपिडेमियोलॉजी फाउंडेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) का अध्यक्ष चुना गया है। तीन अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित ईएफआई गवर्निंग काउंसिल की बैठक में उनके नाम पर निर्णय लिया गया। उनकी नियुक्ति को संस्थान के साथ-साथ प्रदेश के चिकित्सा, शोध और जनस्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जनस्वास्थ्य और शोध के क्षेत्र में योगदान को मिली जिम्मेदारी
प्रो. सी.एम. सिंह को जनस्वास्थ्य, महामारी विज्ञान, चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में ईएफआई महामारी से जुड़े सर्वेक्षण, जनसंख्या आधारित शोध और बीमारी की निगरानी को और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करेगा।
बीमारियों की रोकथाम पर रहेगा विशेष जोर
ईएफआई का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न बीमारियों के फैलाव, उनके जोखिम कारकों और प्रभावित आबादी का वैज्ञानिक अध्ययन कर समय रहते रोकथाम की रणनीति तैयार करना है। इसके तहत यह पता लगाने पर जोर दिया जाएगा कि किसी क्षेत्र में कौन-कौन सी बीमारियां बढ़ रही हैं, उनके पीछे प्रमुख कारण क्या हैं और मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं तथा वास्तविक जनस्वास्थ्य जरूरतों के बीच कहां अंतर है।
मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे जोखिम कारकों की होगी पहचान
समुदाय, विद्यालयों, कार्यस्थलों तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महामारी विज्ञान संबंधी सर्वेक्षण किए जाएंगे। इनमें खान-पान, शारीरिक गतिविधि, मोटापा, तंबाकू सेवन, तनाव, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे जोखिम कारकों की स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर साक्ष्य आधारित स्वास्थ्य नीतियां और बीमारी की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी।
युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
ईएफआई के माध्यम से युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को महामारी विज्ञान, अनुसंधान पद्धति, जैव-सांख्यिकी और जनस्वास्थ्य अनुसंधान में प्रशिक्षण देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के बीच बहु-केंद्रित शोध को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।
आरएमएलआईएमएस परिवार ने दी बधाई
प्रो. सी.एम. सिंह की इस उपलब्धि पर डॉ. आरएमएलआईएमएस परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। संस्थान ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में ईएफआई देश में “इलाज के साथ बीमारी होने से पहले उसकी रोकथाम” की अवधारणा को मजबूत करने और साक्ष्य आधारित जनस्वास्थ्य व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



