
Facebook Account: आज के समय में Facebook सिर्फ दोस्तों से जुड़ने का प्लेटफॉर्म नहीं है। इसमें यूजर्स की निजी तस्वीरें, मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी मौजूद हो सकती है। ऐसे में अगर किसी दूसरे व्यक्ति को आपके अकाउंट का कंट्रोल मिल जाता है, तो निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।
कई बार यूजर को शुरुआत में पता भी नहीं चलता कि उसका अकाउंट किसी और के हाथ में जा चुका है। हालांकि कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन पर ध्यान देकर समय रहते अकाउंट सुरक्षित किया जा सकता है।
इन बदलावों को नजरअंदाज न करें
अगर आपके Facebook प्रोफाइल से आपकी जानकारी के बिना कोई पोस्ट, कमेंट या मैसेज भेजा जा रहा है, तो यह अकाउंट के साथ छेड़छाड़ का संकेत हो सकता है। इसी तरह प्रोफाइल फोटो, नाम या दूसरी जानकारी में अचानक बदलाव होना भी सावधान करने वाला संकेत है।
इसके अलावा अगर आपको किसी अनजान डिवाइस या लोकेशन से लॉगिन का अलर्ट मिलता है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अकाउंट में नया ईमेल एड्रेस या मोबाइल नंबर जुड़ जाना या आपका पुराना कॉन्टैक्ट हट जाना भी जांच का कारण हो सकता है।
पासवर्ड अचानक काम करना बंद कर दे तो रहें सतर्क
कई मामलों में अकाउंट पर कब्जा करने वाला व्यक्ति सबसे पहले पासवर्ड बदलने की कोशिश करता है। ऐसी स्थिति में आपका पुराना पासवर्ड काम नहीं करता और सामान्य तरीके से लॉगिन करना मुश्किल हो सकता है।
अगर पासवर्ड के साथ-साथ रिकवरी ईमेल या फोन नंबर में भी बदलाव कर दिया गया है, तो समस्या और बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में बार-बार गलत पासवर्ड डालने के बजाय Facebook के आधिकारिक अकाउंट रिकवरी विकल्प का इस्तेमाल करना बेहतर है। Facebook के लॉगिन पेज पर Forgot account? विकल्प उपलब्ध है।
अकाउंट वापस पाने के लिए क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपके Facebook अकाउंट का एक्सेस किसी और के पास चला गया है, तो सबसे पहले Facebook के आधिकारिक लॉगिन और रिकवरी सिस्टम पर जाएं। वहां अपने अकाउंट से जुड़ा ईमेल, मोबाइल नंबर या अन्य उपलब्ध जानकारी डालकर अकाउंट खोजने की कोशिश की जा सकती है।
Facebook की रिकवरी प्रक्रिया में उपलब्ध विकल्पों के आधार पर आगे के निर्देश दिए जा सकते हैं। अगर आपके पास अकाउंट से जुड़ा पुराना ईमेल या मोबाइल नंबर अभी भी मौजूद है, तो रिकवरी प्रक्रिया आसान हो सकती है।
ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले अलर्ट जांचें
अगर अकाउंट की जानकारी में बदलाव किया गया है, तो पुराने ईमेल अकाउंट या मोबाइल नंबर पर Facebook की ओर से सुरक्षा संबंधी सूचना आ सकती है। इसलिए अकाउंट से जुड़े ईमेल इनबॉक्स और मैसेज को भी जांचना जरूरी है।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले यह जरूर देखें कि वह वास्तव में Facebook से जुड़ा हुआ है या नहीं। अकाउंट वापस पाने के नाम पर फर्जी वेबसाइटों और संदिग्ध लोगों से बचना भी जरूरी है।
अकाउंट मिल जाए तो तुरंत बदलें ये चीजें
अगर रिकवरी के बाद Facebook अकाउंट का एक्सेस वापस मिल जाता है, तो सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है। सबसे पहले नया और मजबूत पासवर्ड सेट करें। ऐसा पासवर्ड रखें जिसे आपने किसी दूसरे सोशल मीडिया या वेबसाइट पर इस्तेमाल न किया हो।
इसके बाद अकाउंट में जुड़े ईमेल और मोबाइल नंबर की जानकारी जांचें। अगर कोई अनजान कॉन्टैक्ट दिखाई दे तो उसे हटाने के लिए उपलब्ध सुरक्षा विकल्पों का इस्तेमाल करें।
Two-Factor Authentication को करें एक्टिव
अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए Two-Factor Authentication (2FA) उपयोगी सुरक्षा परत हो सकती है। इससे केवल पासवर्ड के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अकाउंट में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है।
अगर आपको लगता है कि किसी ने अकाउंट में अनधिकृत तरीके से लॉगिन किया था, तो सक्रिय सेशन और लॉगिन गतिविधि की भी समीक्षा करें। अनजान डिवाइस या लोकेशन दिखाई देने पर संबंधित सुरक्षा विकल्पों का इस्तेमाल करें।
फर्जी ‘रिकवरी एक्सपर्ट’ से रहें सावधान
Facebook अकाउंट हैक होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग अकाउंट वापस दिलाने का दावा कर सकते हैं। ऐसे लोगों के साथ अपना पासवर्ड, OTP, रिकवरी कोड या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
अकाउंट रिकवर करने के लिए आधिकारिक Facebook विकल्पों का ही इस्तेमाल करें। Facebook के आधिकारिक लॉगिन सिस्टम में अकाउंट रिकवरी का विकल्प मौजूद है।
समय रहते पहचानना सबसे जरूरी
Facebook अकाउंट हैक होने की स्थिति में सबसे अहम बात है कि असामान्य गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए। अनजान पोस्ट, बदला हुआ पासवर्ड, नए कॉन्टैक्ट डिटेल, अनजान लॉगिन या सुरक्षा सेटिंग्स में बदलाव जैसे संकेत मिलने पर तुरंत अकाउंट की सुरक्षा जांचनी चाहिए।
अगर अकाउंट का एक्सेस चला भी गया है, तो घबराने के बजाय आधिकारिक रिकवरी प्रक्रिया अपनाएं। इसके बाद पासवर्ड बदलकर, लॉगिन गतिविधि जांचकर और अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प सक्रिय करके अकाउंट को दोबारा सुरक्षित किया जा सकता है।
written by Siddhi Srivastava



