
Gyanesh Kumar: देश की राजनीति में चुनाव आयोग को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि नागरिकता तय करना आयोग का काम नहीं है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि नागरिकता से जुड़े मामलों का निर्धारण कानून और संसद द्वारा बनाए गए प्रावधानों के तहत होता है।
जयराम रमेश ने इस दौरान पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के एक साक्षात्कार का भी उल्लेख किया और कहा कि चुनाव आयोग को अपने संवैधानिक दायरे के भीतर रहकर काम करना चाहिए।
दिल्ली में यूथ कांग्रेस का मार्च
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। जंतर-मंतर क्षेत्र की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।
उत्तर प्रदेश में भी दिखा विरोध
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। उन्नाव में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया, जबकि मुरादाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक बनाया जाएगा।
राजस्थान और महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता शहीद स्मारक से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं।
वहीं महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और कोल्हापुर समेत कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियां और प्रदर्शन किए। स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
बीजेपी ने किया पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने भी जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल तथ्यों के बजाय आरोपों की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग पहले ही कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
नड्डा ने कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा करती है और राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिशों को समझती है।
राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इन आरोपों को निराधार बता रही है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर में चल रहे कांग्रेस के प्रदर्शन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।



